परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, दस दिन बाद मृतक लौटा अपने घर

राजस्थान के राजसमंद का मामला, घर से अचानक लापता हो गया था युवक, अस्पताल ने सौंपी परिजन को लावारिस लाश, परिजनों ने युवक का शव समझ कर दिया था अंतिम संस्कार, दस दिन बाद अचानक अपने घर लौट आया युवक

Publish: May 25, 2021, 12:52 PM IST

परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, दस दिन बाद मृतक लौटा अपने घर
Photo Courtesy: Aaj Tak

जयपुर। राजस्थान के राजसमंद में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पर परिजनों ने अपने परिवार के युवक का अंतिम संस्कार दस दिन पहले कर दिया था। हिन्दू रीति रिवाज़ से युवक के सभी संस्कार कर दिए थे। परिजनों ने अपने सिर भी मुंडवा लिए। लेकिन वही मृत युवक दस दिन बाद अचानक अपने घर लौट आया। युवक के घर आने पर सभी की आंखें फटी रह गईं। 

दरअसल ओंकारलाल कुछ दिनों पहले अचानक ही अपने घर से गायब हो गए थे। 11 मई को राजसमंद में एक लावारिस लाश मिली थी। जिसके बाद शव को ज़िला अस्पताल में रखा गया था। उधर सोशल मीडिया पर ओंकारलाल के गुम होने की सूचना भी तैर रही थी। लिहाज़ा 15 मई को जब हेड कांस्टेबल मोहनलाल ज़िला अस्पताल पहुंचे तब लावारिस लाश की शिनाख्त करने के लिए ओंकारलाल गोडालिया के भाई नानालाल और उनके परिजनों को बुलाया गया। 

ओंकारलाल के भाई ने पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को बताया कि उसके भाई के दाहिने हाथ की कलाई से लेकर कोहनी तक चोट का एक लंबा निशान है और बाएं हाथ की दो उंगलियां मुड़ी हुई हैं। ओंकारलाल के भाई द्वारा यह जानकारी देने पर अस्पताल प्रबंधन ने डी फ्रीज में रखा हुआ तीन दिन पुराना शव ओंकारलाल के परिजनों को दे दिया। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि डी फ्रीज में रखे होने के कारण चोट का निशान मिट गया। 

इसके बाद परिजनों ने लावारिस शव को ओंकार का शव समझकर अंतिम संस्कार कर दिया। अपने सिर भी मुंडवा लिए। दस दिनों से घर में गमगीन माहौल था। लेकिन रविवार शाम को अचानक ओंकारलाल अपने घर पहुंच गए। ओंकारलाल को देखते ही परिजन चौंक उठे, परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। 

ओंकारलाल ने बताया कि वे बिना बताए ही उदयपुर चले गए थे। उदयपुर जाने के बाद उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद वे चार दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे अपने घर लौट आए। लेकिन इस पूरे प्रकरण में अब अस्पताल प्रबंधन और पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। जो शव ओंकारलाल के परिजनों को सौंपा गया था। उस शव का न तो पोस्टमार्टम किया गया था, और न ही विसरा सैंपल लिया गया। अब पुलिस उस लावारिस शव की शिनाख्त कैसे करेगी, यह अपने आप में बड़ा सवाल है।