आज नीतीश को सीएम बनाने पर लगेगी औपचारिक मुहर, चुने जाएंगे एनडीए विधायक दल के नेता

नीतीश कुमार के आवास पर आज एनडीए की बैठक, नीतीश कह चुके हैं उनका दावा नहीं फिर भी उन्हें ही नेता चुने जाने की उम्मीद

Updated: Nov 15, 2020, 10:20 AM IST

आज नीतीश को सीएम बनाने पर लगेगी औपचारिक मुहर, चुने जाएंगे एनडीए विधायक दल के नेता
Photo Courtesy: Zee News

पटना। आज दोपहर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घर पर एनडीए के विधायक दल की बैठक है। उम्मीद यही है कि इस बैठक में एक बार फिर से नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लग सकती है। बैठक में गठबंधन के लोग नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुनेंगे। एनडीए की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित होंगे। 

बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने एनडीए की होने वाली बैठक की पुष्टि भी की है। ख़बर है कि बैठक में बीजेपी, जेडीयू, हम और वीआईपी के नेता मौजूद रहेंगे। एनडीए की बैठक से पहले गठबंधन के चारों घटक दलों की अपनी अपनी बैठक होगी। ख़बर है कि संयुक्त बैठक होने के बाद चारों दल राज्य के राज्यपाल फागू चौहान को समर्थन पत्र सौंपेंगे। जिसके साथ ही नीतीश कुमार सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। 

कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार 16 नवम्बर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बता दें कि बिहार चुनाव के नतीजों में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला है। एनडीए के खाते में 125 सीटें आई हैं, जो 243 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए ज़रूरी 122 सीटों के आंकड़े से तीन अधिक है। वहीं इस चुनाव में महागठबंधन के खाते में 110 सीटें आई हैं। जबकि आठ सीटें अन्य के खाते में गई हैं।

इस बार बीजेपी के मुकाबले नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को काफी कम सीटें मिली हैं, फिर भी बीजेपी ने एलान किया है कि वो चुनाव के दौरान किया गया अपना वादा निभाते हुए नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री बनाएगी। हालांकि राजनीतिक हलकों में ये चर्चा भी आम तौर पर हो रही है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री भले ही बन जाएं, वे पहले ही तरह सत्ता की लगाम अपने हाथ में नहीं रख पाएंगे। सत्ता का असली केंद्र तो बीजेपी ही होगी। आपको बता दें कि इस बार बीजेपी की 74 सीटों के मुकाबले जेडीयू को महज 43 विधानसभा सीटें मिली हैं। ज़ाहिर है बीजेपी इस बार सरकार में बड़े भाई की भूमिका में होगी, भले ही दिखावे के लिए नीतीश कुमार को कुर्सी पर क्यों न बिठा दिया जाए।