मुस्लिम लक्ष्मी पूजा नहीं करते, क्या वो करोड़पति नहीं हैं: बीजेपी MLA ने हिंदू मान्यताओं पर उठाए सवाल

भाजपा नेता ने कहा कि आत्मा और परमात्मा की अवधारणा सिर्फ लोगों की मान्यता है, तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए हमें वैज्ञानिक आधार पर सोचना होगा। यदि आप विश्वास करना बंद कर देते हैं, तो आपकी बौद्धिक क्षमता में इजाफा होगा।

Updated: Oct 20, 2022, 03:06 PM IST

मुस्लिम लक्ष्मी पूजा नहीं करते, क्या वो करोड़पति नहीं हैं: बीजेपी MLA ने हिंदू मान्यताओं पर उठाए सवाल

भागलपुर। बिहार के भाजपा विधायक ललन पासवान ने हिंदू मान्यताओं और देवी-देवताओं पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि मुस्लिम लक्ष्मी पूजा नहीं करते, तो क्या वे करोड़पति नहीं हैं? हमें वैज्ञानिक आधार पर सोचना होगा। यदि आप विश्वास करना बंद कर देते हैं, तो आपकी बौद्धिक क्षमता में इजाफा होगा।

भागलपुर जिले के पीरपैंती विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने बुधवार को संवाद कार्यक्रम में कहा कि, 'आत्मा और परमात्मा की अवधारणा सिर्फ लोगों की मान्यता है। यदि आप मानते हैं तो देव हैं, वरना पत्थर। यह हम पर निर्भर है कि हम देवी-देवताओं को मानते हैं या नहीं। अगर हमें केवल देवी लक्ष्मी की पूजा करने से धन मिलता है, तो मुसलमानों में अरबपति और खरबपति नहीं होते? मुसलमान देवी लक्ष्मी की पूजा नहीं करते हैं, क्या वे अमीर नहीं हैं?'

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भाजपा विधायक ने आगे कहा कि, 'मुसलमान देवी सरस्वती की पूजा नहीं करते हैं। क्या मुसलमानों में कोई विद्वान नहीं है? क्या वे आईएएस या आईपीएस नहीं बनते? ऐसा माना जाता है कि बजरंगबली शक्ति वाले देवता हैं और शक्ति प्रदान करते है। मुस्लिम या ईसाई बजरंगबली की पूजा नहीं करते हैं। क्या वे शक्तिशाली नहीं हैं? अमेरिका में बजरंग बली का मंदिर नहीं है, तो क्या वह सुपरपावर नहीं है? जिस दिन आप विश्वास करना बंद कर देंगे, ये सभी चीजें खत्म हो जाएंगी।'

पासवान ने कहा कि तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए हमें वैज्ञानिक आधार पर सोचना होगा। यदि आप विश्वास करना बंद कर देते हैं, तो आपकी बौद्धिक क्षमता में इजाफा होगा। भाजपा विधायक के इस बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया है। हिंदू संगठनों ने इसपर आपत्ति जताई है। भागलपुर में उनका पुतला भी फूंका गया। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए पासवान ने कहा कि, 'लोग पहले भी मेरे खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। इसलिए उनके विरोध का कोई मतलब नहीं है। अगर लोगों में दम है तो तर्क के साथ बात करें।'