किसानों के गुस्से के आगे झुकी मोदी सरकार, रविवार से शुरु होगी पंजाब हरियाणा में धान की खरीद

धान खरीद में देरी से हरियाणा और पंजाब के किसान खफा चल रहे थे, इसके विरोध में आज हज़ारों की तादाद में किसान सीएम खट्टर के आवास के बाहर जुटे रहे

Updated: Oct 02, 2021, 08:15 PM IST

किसानों के गुस्से के आगे झुकी मोदी सरकार, रविवार से शुरु होगी पंजाब हरियाणा में धान की खरीद

चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा के किसानों के भारी विरोध के बाद केंद्र सरकार झुक गई है। केंद्र सरकार ने अब पंजाब और हरियाणा में धान की खरीदी शुरु करने का फैसला किया है। रविवार यानी तीन अक्टूबर से दोनों ही राज्यों में धान की खरीद शुरु हो जाएगी।  

खाद्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने धान खरीदी की नई तारीख का एलान करते हुए कहा है कि दोनों राज्यों में रविवार से धान की खरीदी प्रारंभ हो जाएगी। धान खरीदी की बढ़ाई गई तारीख का स्पष्टीकरण देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बारिश और फसल में नमी बरकरार रहने की वजह से धान खरीदी की तारीख को बढ़ा दिया गया था। लेकिन खरीदी जल्द शुरु किए जाने की मांग को देखते हुए सरकार ने इसे निर्धारित समय से पहले शुरु करने का मन बनाया है। 

इससे पहले दोनों ही राज्यों में धान खरीदी की तारीख एक अक्टूबर निर्धारित की गई थी। लेकिन केंद्र सरकार ने बीते गुरुवार को ही धान खरीदी की तारीख को बढ़ा कर 11 अक्टूबर कर दिया था। केंद्र सरकार के इस फैसले से पंजाब और हरियाणा दोनों ही राज्य के किसानों में भारी रोष था। नाराज किसानों ने शनिवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आवास के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन भी किया। 

यह भी पढ़ें ः बीजेपी नेताओं से मिलकर कैप्टन ने रुकवाई धान की खरीद, कांग्रेस नेता ने लगाया बड़ा आरोप

वहीं पंजाब में भी जल्द धान खरीदी शुरु करने की मांग की जा रही थी। पंजाब सरकार में मंत्री परगट सिंह ने तो पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पर बीजेपी नेताओं से मिलकर धान की खरीदी रुकवाने का आरोप भी लगा दिया था। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस संबंध में शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी और जल्द से जल्द धान खरीदी शुरु करवाने की मांग की थी। 

केंद्र सरकार द्वारा धान की खरीदी को हरी झंडी दिए जाने के फैसले को आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। राज्य में विधानसभा चुनाव के दिन नजदीक हैं। किसान पहले से ही तीनों कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार से नाराज़ चल रहे हैं। लिहाज़ा अगर केंद्र सरकार धान खरीदी में देरी करने के अपने फैसले पर कायम रहती तो आगामी विधानसभा चुनावों में बीजेपी को और नुकसान उठाना पड़ता।