स्वतंत्रता संग्राम से भी बड़ा था राम मंदिर आंदोलन, VHP नेता ने दिया विवादित बयान

विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा है कि 1947 में भारत को सिर्फ राजनीतिक आजादी मिली, लेकिन राम मंदिर आंदोलन में धार्मिक और सांस्कृतिक मिली

Updated: Dec 13, 2021, 09:40 AM IST

स्वतंत्रता संग्राम से भी बड़ा था राम मंदिर आंदोलन, VHP नेता ने दिया विवादित बयान
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नई दिल्ली। लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी के बाद मिली आजादी को लेकर इन दिनों अक्सर अजीबोगरीब बयान सामने आ रहे हैं। कभी कोई कहता है कि असली आजादी 2014 में मिली तो कोई कह देता है की आजादी 99 साल की लीज पर मिली। इसी बीच अब विश्व हिंदू परिषद की तरफ से बयान आया है कि राम मंदिर आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम से भी बड़ा था।

विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा है कि सन 1947 में भारत को सिर्फ अपनी राजनीति आजादी मिली थी। लेकिन राम मंदिर आंदोलन से देश को अपनी धार्मिक और सांस्‍कृतिक आजादी मिली है। राम मंदिर का आंदोलन स्‍वतंत्रता संग्राम से भी बड़ा आंदोलन था। राम मंदिर ने राम राज्‍य के युग की यात्रा शुरू कर दी थी और मंदिर के निर्माण के बाद भारत की किस्‍मत बेहतर होगी।'

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सुरेंद्र जैन रविवार को 'सब के राम' नामक पुस्तक के विमोचन समारोह में पहुंचे थे। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए ये बातें कही। वीएचपी नेता ने आगे कहा कि वर्तमान सदी राम की है। मंदिर के लिए दान अभियान पूरे देश को एक करने का सेतु बन गया है। इसने साबित कर दिया कि राम ही राष्ट्र को एकजुट कर सकते हैं। धर्मनिरपेक्ष राजनीति ने केवल देश को विभाजित किया है।'

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संयुक्त महासचिव अरुण कुमार भी पहुंचे थे। उन्होंने यह कहा कि, 'राम मंदिर आंदोलन ने हिंदू समाज को जागृत किया और हिंदुओं के लिए आत्म-साक्षात्कार का क्षण बन गया। जो लोग कह रहे थे कि हिंदुत्‍व की भावना खत्‍म हो रही उनकी शंकाओं का जवाब राम मंदिर के लिए दिए गए चंदे से मिल गया है। राम मंदिर आंदोलन ने हिंदू समाज को जगाया है। यह आंदोलन कोई प्रतिक्रिया का परिणाम नहीं था, बल्कि हिंदुओं की प्रतिबद्धता का था। हमारा सपना एक सामंजस्यपूर्ण समाज का है। हमारी सहनशीलता और कायरता के कारण नहीं, बल्कि हमारे साहस और उद्यम के कारण है।'