कांग्रेस एक आंदोलन का नाम है, कांग्रेस की स्थापना दिवस पर सोनिया गांधी का देश के नाम भावुक संदेश

कांग्रेस केवल एक राजनीतिक पार्टी का नाम नहीं बल्कि एक आंदोलन का नाम है, इसकी स्थापना किन परिस्थितियों में हुई ये मुझे बताने की आवश्यकता नहीं: सोनिया गांधी

Updated: Dec 28, 2021, 01:57 PM IST

कांग्रेस एक आंदोलन का नाम है, कांग्रेस की स्थापना दिवस पर सोनिया गांधी का देश के नाम भावुक संदेश

नई दिल्ली। देश भर में कांग्रेस आज अपना 137वां स्थापना दिवस मना रही है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कांग्रेस का झंडा फहराया। सोनिया गांधी ने इस मौके पर देश के नाम एक भावुक संदेश भी जारी किया है। सोनिया गांधी ने कहा है कि हमारी विरासत गंगा-जमुनी संस्कृति को मिटाने की नापाक कोशिश हो रही है। 

सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में कहा, 'हमारे प्यारे देशवासियों और कांग्रेस के जांबाज साथियों! आज हम सब 136 साल पुरानी अपनी कांग्रेस का स्थापना दिवस पूरे देश में बड़े व्यापक रूप से मना रहे हैं। कांग्रेस केवल एक राजनीतिक पार्टी का ही नाम नहीं है, बल्कि एक आंदोलन का नाम कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस की स्थापना किन परिस्थितियों में हुई, यह मुझे बताने की जरूरत नहीं है।'

सोनिया गांधी ने आगे कहा कि, 'आजादी के आंदोलन में कांग्रेस और उसके तमाम नेताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, संघर्ष किया, जेलों में कठोर यातनाएं झेलीं और बहुत से देश भक्तों ने अपने प्राणों तक का बलिदान दिया, तब जाकर कहीं हमें आजादी मिली। आजादी के बाद हमें जो भारत मिला उसकी कल्पना करना कठिन है, लेकिन हमारे महान नेताओं ने बड़ी सूझबूझ और दृढ़ निश्चय के साथ भारत के नव-निर्माण की एक मजबूत बुनियाद रखी, जिसपर चलकर हमने एक सशक्त भारत खड़ा किया। एक ऐसा भारत जिसमें सभी देशवासियों के अधिकारों और हितों का ध्यान रखा गया।'

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सोनिया गांधी ने इस दौरान सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'जिन लोगों ने आजादी के आंदोलन में भागीदारी नहीं की, वे इसकी कीमत कभी नहीं समझ सकते। आज भारत की उस मजबूत बुनियाद को कमजोर करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है इतिहास को झुठलाया जा रहा है। हमारी विरासत गंगा-जमुना संस्कृति को मिटाने की नापाक कोशिश हो रही है। देश का आम नागरिक असुरक्षित और भयभीत महसूस कर रहा है। लोकतंत्र और संविधान को दरकिनार कर तानाशाही चलाई जा रही है।'

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि, 'ऐसे वक्त में कांग्रेस चुप नहीं रह सकती। देश की विरासत को किसी को भी नष्ट करने की इजाजत नहीं देगी। आम जनमानस के लिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए, देश विरोधी और समाज विरोधी साजिशों के खिलाफ हर संभव संघर्ष करेगी, हर कुर्बानी देगी। आज के इस ऐतिहासिक अवसर पर एक-एक कांग्रेस जन को यही संकल्प लेना है और कांग्रेस को मजबूत बनाना है। साथ आप सभी को कांग्रेस के स्थापना दिवस की और आने वाले नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। जय हिंद, जय कांग्रेस।'

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बता दें कि अंग्रेजी हुकूमत के दौरान 28 दिसंबर, 1885 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई थी। इसके संस्थापक सदस्यों में ए.ओ. ह्यूम, दादा भाई नौरोजी और दिनशा वाचा शामिल थे। बाद में महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू ने इस पार्टी का नेतृत्व किया। देश की आजादी की लड़ाई में कांग्रेस पार्टी ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। आगे चलकर कांग्रेस आजाद भारत की सबसे बड़ी पार्टी बनी और दशकों तक भारत की बागड़ोर संभाली। वर्तमान में कांग्रेस देश की प्रमुख विपक्षी दल है।