मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मांग है कि केंद्र और सभी राज्यों के लिए कोरोना टीके का दाम एक समान हो

प्रधानमंत्री के साथ हुई वर्चुअल बैठक में सीएम बघेल ने कोरोना टीके के अलग-अलग दामों पर आपत्ति जताई, उनकी मांग है कि राज्यों को भी केंद्र की ही तरह 150 रुपए प्रति खुराक की दर से टीका उपलब्ध हो, सीरम इंस्टीट्यूट ने फिलहाल राज्यों के लिए 400 रुपए प्रति डोज रखे हैं दाम

Updated: Apr 23, 2021, 02:44 PM IST

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मांग है कि केंद्र और सभी राज्यों के लिए कोरोना टीके का दाम एक समान हो
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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की ही तरह 150 रुपए प्रति डोज की दर से कोरोना वैक्सीन उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्यों को केंद्र की तरह ही कोरोना टीके उपलब्ध करवाए जाएं। कोरोना नियंत्रण व्यवस्था और टीकाकरण की समीक्षा के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों की ऑनलाइन बैठक ली। इसी बैठक में सीएम भूपेश बघेल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति में उत्पादक राज्य बाधा न बने। उन्होंने कहा कि आगामी एक मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का वैक्सीनेशन अभियान चलाया जाना है, इसके लिए टीके की उपलब्धता की कार्ययोजना राज्यों को शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।

सीएम भूपेश बघेल ने उत्पादक राज्यों के उस रवैये की ओर भी ध्यान खींचा जिसके तहत जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा, ऐसी व्यवस्था की जाए कि उत्पादक राज्य जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति में बाधक न बने। खबर है कि छत्तीसगढ़ में दवाओं की खासी कमी है। रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिये सरकार ने दो IAS अफसरों को उत्पादन वाले राज्यों में तैनात किया है फिर भी तय समय पर दवाइयों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। संबंधित राज्यों का प्रशासन दवाओं की आपूर्ति में अड़चन डाल रहा है।

वहीं मुख्यमंत्री ने कोरोना टीकाकरण के बारे में बताया कि प्रदेश में करीब 18 प्रतिशत आबादी को कोरोना टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि 90 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मी, 84 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 वर्ष से अधिक के 69 प्रतिशत लोगों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। कोरोना से बचाव के लिए अंतर्राज्यीय सीमाओं, एयरपोर्ट, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर कोरोना टेस्टिंग का काम जारी है।

वहीं प्रदेश में ऑक्सीजन उत्पादन के लिए 8 नई औद्योगिक इकाइयों को लाइसेंस देने के बारे में बताया। फिलहाल कुल 29 यूनिटों में मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन जारी है। अतिरिक्त ऑक्सीजन दूसरे राज्यों को दी जा रही है।

प्रधानमंत्री के साथ हुई इस आनलाइन बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, समेत आला अफसर मौजूद थे।

गौरतलब है कि कोरोना टीके के एक जैसे दाम को लेकर मुख्यमंत्री ने एक पत्र भी लिखा था। उन्होंने कहा था कि राज्य और केंद्र सरकारें जनता से टैक्स के माध्यम से आय अर्जित करती हैं, ऐसे में कोरोना वैक्सीन की दरें एक जैसी होना न्यायोचित होगा।

दरअसल सीरम इंस्टीट्यूट ने हाल ही में अपनी कोवीशील्ड वैक्सीन के नए दामों की घोषणा की है। जिसके तहत निजी अस्पतालों को कोवीशील्ड वैक्सीन 600 रुपए प्रति डोज, राज्य सरकारों को 400 रुपए और केंद्र सरकार को पुराने दाम 150 रुपए में देने का ऐलान किया है। वहीं केंद्र सरकार निजी अस्पतालों को जो कोरोना टीके उपलब्ध करा रही थी वह 250 रुपया प्रति डोज थी। जिसमें से 150 रुपए कोरोना वैक्सीन की कीमत और 100 रुपए निजी अस्पतालों को मिलता था।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने घोषणा की है कि एक मई से चलाए जाने वाले टीकाकरण अभियान के तहत 18 साल से ज्यादा के सभी लोगों को टीका मुफ्त लगाया जाएगा। इन कोरोना टीकों का भुगतान राज्य सरकार करेगी। उन्होंने अपने ट्वीट के माध्यम से लोगों को इसकी जानकारी देते हुए लिखा था कि लोगों के जीवन रक्षा के लिए वो हर संभव कदम उठाएंगे। केंद्र सरकार से अनुरोध है कि, पर्याप्त संख्या में वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करें।