पेंड्रा और मरवाही को मिला नगर पालिका का दर्जा, राज्यपाल ने जताई आपत्ति

CM Bhupesh Baghel: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नगर पंचायत पेंड्रा और मरवाही को नगर पालिका का दर्जा देने की घोषणा की, राज्यपाल ने 29 सितंबर को बुलाई बैठक

Updated: Sep-25, 2020, 06:43 PM IST

पेंड्रा और मरवाही को मिला नगर पालिका का दर्जा, राज्यपाल ने जताई आपत्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवगठित जिले गौरला-पेंड्रा-मरवाही की नगर पंचायत पेंड्रा और मरवाही को नगर पालिका का दर्जा दे दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस ऐलान के साथ ही सरकार और राजभवन के बीच टकराव की स्थिति निर्मित हो रही है। राज्यपाल अनुसूइया उइके ने नगर पंचायतों के उन्नयन पर रोक लगा दी थी। राज्यपाल ने आगामी 29 सितंबर को एक बैठक बुलाई है जिसमें ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत में परिवर्तित करने के निर्णयों की समीक्षा होनी है।

राज्यपाल ने नए जिले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में ग्राम पंचायत मरवाही को नगर पंचायत में शामिल करने पर सख्त आपत्ति जताई है। इस बारे में जवाब देने के लिए वरिष्ठ अफसरों को बुलाया गया है। यह बैठक रायपुर में लॉकडाउन खत्म होने के बाद 29 सितंबर को है। गौरतलब है कि जल्द ही मरवाही उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने वाली है। ऐसे में सरकार और राजभवन में टकराव की स्थिति बन रही है।

राज्यपाल ने पंचायतों के उन्नय पर जताई है आपत्ति

आपको बात दें कि राज्यपाल सालभर से आदिवासी इलाकों की पंचायतों को नगर पंचायत बनाने के फैसले के खिलाफ रही हैं। वे मुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री से भी अपनी नाराजगी जता चुकीं हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की यह फैसला जिसमें नगर पंचायत पेंड्रा और मरवाही को नगर पालिका का दर्जा दे दिया है टकराव को बढ़ावा दे सकता है।

राज्यपाल ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग से जवाब मांगा

इस मामले में राजभवन की ओर से नगरीय प्रशासन विकास विभाग को पत्र लिखकर मरवाही मामले की जांच करने को कहा गया है। राज्यपाल ने तत्काल सभी कार्यवाही स्थगित करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने अफसरों को तलब कर बैठक भी बुलाई है। आपको बता दें कि राज्यपाल ने पहले भी बीजेपी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में करीब 27 ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत में परिवर्तन किए जाने पर भी आपत्ति उठा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर नगर पालिका का दर्जा देने का ऐलान किया

गौरेला और पेंड्रा दोनों नगर पंचायतों को नगर पालिका का दर्जा देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने ट्वीट के माध्यम से की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया है कि 'प्रदेश के नवगठित जिले गौरला-पेंड्रा-मरवाही के नगर पंचायत गौरेला और नगर पंचायत पेंड्रा को नगर पालिका का दर्जा देने की घोषणा करता हूं।' मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद अब से गौरेला और पेंड्रा नगर पालिका होंगी।

 

दो मंत्रियों के सर्वे के बाद लिया गौरेला, पेंड्रा के उन्नयन का फैसला

आपको बता दें कि गौरेला, पेंड्रा नगर पंचायतों को नगर पालिका बनाने का प्रस्ताव राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने रखा था। उन्होंने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल के साथ गौरेला-पेंड्रा का दौरा किया था। वहां की जनता से उनकी राय जानी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने दोनों ही नगर पंचायतों को नगर पालिका का दर्जा देने का ऐलान किया है।

 उपचुनाव से पहले मरवाही की जनता का दिल जीतने की कोशिश

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साल भर पहले पेंड्रा इलाके को जिला बनाने की घोषणा की थी। जिसका नाम गौरेला-पेंड्रा-मरवाही रखा गया था। यह छत्तीसगढ़ का 28वां जिला है। इसे जिला बनाने की मांग लंबे वक्त से की जा रही थी। करीब 25 वर्षों बाद पेंड्रा जिला बना और अब पेंड्र और गौरेल को नगरपालिका का दर्जा मिल गया है।  

गौरतलब है कि जनता कांग्रेस के प्रमुख अजीत जोगी के निधन के बाद उनकी विधानसभा सीट मरवाही में उपचुनाव होने वाला है। मुख्यमंत्री के इस फैसले को उसी उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन मई में हो गया था। उनकी मरवाही सीट पर जोगी परिवार का वर्चस्व रहा है। ऐसे उपचुनाव के मद्देनजर कांग्रेस सरकार जिले की जनता की कई मांगों को पूरा करने में जुटी है। ताकि इनका लाभ उगामी उपचुनाव में मिल सके।