TS Singh Deo: केंद्र सरकार किसानों को बना रही पूंजीपतियों का गुलाम

Farm Bills: कृषि बिल पर छत्तीसगढ़ के मंत्री टीएस सिंहदेव ने साधा केंद्र सरकार पर निशाना, बिचौलियों को सौ फीसदी मुनाफा कमाने की अनुमति देता है नया अध्यादेश

Updated: Sep 26, 2020 08:54 PM IST

TS Singh Deo: केंद्र सरकार किसानों को बना रही पूंजीपतियों का गुलाम

दिल्ली। केंद्र सरकार के कृषि अध्यादेशों के खिलाफ कांग्रेस जागरूकता अभियान चला रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने अध्यादेशों की मंशा और नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने केंद्र सरकार पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों को पूंजीपतियों का ‘ग़ुलाम' बना रही है। देश अब इस बात को अच्छी तरह समझ चुका है। बीजेपी अब अपने मंसूबे पर कामयाब नहीं होगी। किसान देश के अन्नदाता हैं, हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं। यह कृषि विधेयक उन लाखों किसानों का निरादर है, जो दिन-रात अथक परिश्रम करते हैं। इस कृषि विधेयक से केंद्र सरकार उनके अधिकारों का हनन कर रही है।

 किसान के हितों की रक्षा बिना न्यूनतम समर्थन मूल्य के नहीं हो सकती

टीएस सिंहदेव ने कहा कि कृषि आर्थिकी में कोई भी सुधार न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किए बिना किसानों का हितैषी नहीं हो सकता। नये अध्यादेश शोषण और छोटे किसानों के दमन को मौका देते हैं। देश में 86.21 प्रतिशत किसानों के परिवार में 5 एकड़ से भी कम में खेती करते हैं। केंद्र पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब किसान कारपोरेट कॉन्ट्रेक्ट के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ सकते। किसान के पास खाद, बीज मौसम की मार जैसी कई समस्याएं पहले से ही हैं। ऐसे में केस लड़ने के लिए वकीलों की फीस की व्यवस्था वह कैसे करेगा।

कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग किसानों से लूट का हथियार है

कांग्रेस नेता ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग वर्तमान परिस्थितियों में शोषण और किसानों की लूट को हवा देने का हथियार बन गया है। उन्होंने बताया गुजरात में पेप्सीको कंपनी ने कई किसानों पर लेज में लगने वाले आलू पैदा करने के खिलाफ मुकदमे लगा रखे हैं। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री उन किसानों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि अनुबंधों में बंधा किसान इस तरह चक्रव्यूह में फंसाया जायेगा। अगर ऐसा ही पूरे देश में 1 एकड़ 2 एकड़ की होल्डिंग रखने वाले किसान के साथ हुआ तो सरकार उसे क्या संरक्षण देगी। टीएस सिंहदेव ने कहा कि सरकार का कहना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म नहीं होगा। उन्होने कहा कि अगर यह सही है तो इसे अध्यादेश में लिखने में क्या आपत्ति है?

कांग्रेस नेता ने कहा कि संघीय ढांचे में शेड्यूल सात के अनुसार कृषि राज्य का विषय है। इसमें कोई भी दखल संवैधानिक बुनियादी अधिकार का अतिक्रमण है। राज्य सरकारों के अधिकारों पर कुठाराघात है। गौरतलब है कि दिल्ली में कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, शक्ति सिंह गोखिल के साथ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने मीडिया को संबोधित किया था।