Belarus Protests: प्रदर्शनकारियों पर बढ़ी पुलिस ज्यादती, हिरासत में लिए गए सैंकड़ों लोग

Minsk Protests: बेलारूस में राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको के खिलाफ एक महीने से हो रहे हैं प्रदर्शन, चुनावी गड़बड़ियों के आरोप के बाद शुरू हुए थे प्रदर्शन

Updated: Sep 07, 2020 08:23 PM IST

Belarus Protests: प्रदर्शनकारियों पर बढ़ी पुलिस ज्यादती, हिरासत में लिए गए सैंकड़ों लोग
Photo Courtesy: Newsweek

बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों का अब वहां के सुरक्षा बलों ने बेदर्दी से दमन करना शुरू कर दिया है। हालांकि, पहले भी प्रदर्शनकारियों पर ज्यादती हो रही थी, लेकिन अब वह और अधिक क्रूर हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें सुरक्षा बल जमीन पर पड़े एक प्रदर्शनकारी को बुरी तरह से पीटते हुए नजर आ रहे हैं। देश में ये प्रदर्शन तब शुरू हुए थे, जब हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव में पिछले 26 साल से सत्ता में काबिज एलेक्जेंडर लुकाशेंको को विजेता घोषित किया गया था। उनकी प्रतिद्वंती स्वेतलाना शिखानोस्काया ने चुनाव में गड़बड़ियों का हवाला देकर परिणाम स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। देश के चुनाव आयोग के अनुसार लुकाशेंको को 80 प्रतिशत और शिखानोस्काया को मात्र 10 फीसदी मत मिले।

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बीते दिनों देश में जारी प्रदर्शन और तेज हुए हैं। इन प्रदर्शनों में महिलाएं प्रमुख भूमिका में हैं। देश की राजधानी मिंस्क इन प्रदर्शनों का केंद्र बनी हुई है। दूसरी तरफ प्रशासन ने सड़कों पर कंटीले तार बिछा दिए हैं, गलियों और सड़कों पर सेना की गाड़ियां हैं, बख्तरबंद सैनिक प्रदर्शनकारियों पर ज्यादती कर रहे हैं। सादे कपड़ों में खुफिया एजेंसियों के एजेंट भी तैनात किए हैं। प्रदर्शनों के शुरू होने पर लुकाशेंको ने धमकी देते हुए कहा था कि देश में अराजकता पैदा करने वालों से सख्ती से पेश आया जाएगा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी लुकाशेंको की मदद करने की बात कही है। 

समाचार एजेंसी इंटरफैक्स के अनुसार बेलारूस सरकार ने बताया है कि अब तक 100 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। वहीं स्प्रिंग 96 नाम के मानवाधिकार संगठन ने यह आंकड़ा 200 रखा है। मिंस्क के अलावा दूसरे शहरों में भी गिरफ्तारियां हुई हैं। 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में प्रशासन ने अपनी हिंसा में बढ़ोतरी की है। बताया जा रहा है कि मिंस्क में कई प्रदर्शनकारी पुलिसिया दमन से बचने के लिए सिसलैच नदी में कूद गए। देश के गृहमंत्री यूरी कारायेव ने सुरक्षा बलों का समर्थन किया है। 

बेल्टा न्यूज एजेंसी के मुताबिक कारायेव ने कहा, "वे बेलारूस की पुलिस की ज्यादिती का बात करते हैं। मैं कहना चाहता हूं कि इतने शांत और संयमित पुलिस कर्मचारी बेलारूस के अलावा कहीं और नहीं मिलेंगे।" 

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दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों के ऊपर हो रही ज्यादिती को लेकर बाल्टिक देशों लिथुआनिया, लातविया और एस्टोनिया ने बेलारूस के ऊपर प्रतिबंध लगा दिए हैं। पश्चिमी देश भी प्रदर्शनकारियों से सहानुभूति जता रहे हैं।