बिना तीली जलाए भी सुलग सकती है माचिस की आग, गुना में माचिस न देने पर एक दलित की हत्या

लाठी से पीटे जाने से लालजी राम के सिर पर गंभीर चोटें आ गई थीं, ग्वालियर अस्पताल में भर्ती से पहले ही तोड़ा दम

Updated: Nov 30, 2020, 05:21 AM IST

बिना तीली जलाए भी सुलग सकती है माचिस की आग, गुना में माचिस न देने पर एक दलित की हत्या
Photo Courtesy: Dainik Bhaskar

गुना। राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के क्षेत्र गुना में एक बार फिर दलित के साथ हिंसा का मामला सामने आया है। करोद गांव में दो युवकों ने एक दलित मज़दूर की लाठी से पीट-पीट कर हत्या कर दी। हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों युवक दलित मज़दूर के माचिस देने से मना करने की बात पर उलझ पड़े और उस पर लाठियां बरसा दीं।

दरअसल शुक्रवार दोपहर लालजी राम नामक व्यक्ति दिनभर की मज़दूरी करने के बाद गांव के ही किसी चबूतरे पर आराम कर रहे थे। तभी गांव के ही उच्च जाति से ताल्लुक रखने वाले दो युवक उनके पास माचिस मांगने के लिए आए। लेकिन लालजी राम ने दोनों युवकों को माचिस न होने का हवाला देकर माचिस देने से मना कर दिया। दोनों युवक सिगरेट पीने के लिए लालजी राम से माचिस मांग रहे थे। लालजी राम ने जैसे ही माचिस देने से मना किया वैसे ही दोनों युवकों ने गुस्से में लालजी राम के ऊपर जाति सूचक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। जवाब में लालजी राम भी अपना आक्रोश नहीं रोक पाए और उन्होंने भी युवकों से बहस करना शुरू कर दिया।  

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जल्द ही माचिस को लेकर शुरू हुई इस बहस ने हिंसा की शक्ल अख्तियार कर लिया। दोनों में से कोई एक युवक पास में ही स्थित अपने घर गया और वहां से लाठी लेकर आ गया। इसके बाद दोनों युवकों ने दलित मज़दूर पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। इस दौरान गांव का कोई भी व्यक्ति लालजी राम को बचाने नहीं आया। एक व्यक्ति युवकों को रोकने बढ़ा लेकिन उसकी किसी ने ना सुनी।  

लाठी से लगातार सिर और पूरे शरीर पर वार किए जाने की वजह से लालजी राम के सिर की हड्डी टूट गई और गंभीर चोटें आई। 50 वर्षीय लालजी राम को गांव से तीस किलोमीटर दूर जिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन लालजी राम को गुना जिला अस्पताल ने ग्वालियर रेफेर कर दिया और वो ग्वालियर अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिए। लालजी की मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके गाँव लाया गया। लालजी का अंतिम संस्कार एहतियातन प्रशासन की मौजूदगी में किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन ने लालजी की अंत्येष्टि के लिए उनके परिवार को बीस हज़ार की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। 

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पुलिस ने लालजी की हत्या के दोनों आरोपियों, अंकित यादव ( 18 वर्षीय ) और यश यादव ( 20 वर्षीय) को हिरासत में ले लिया है। दोनों रिश्ते में चचेरे भाई हैं। दोनों के ऊपर आईपीसी की धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों भाइयों पर एससी-एसटी एक्ट में भी केस दर्ज हुआ है।

कुछ महीने पहले गुना में ही एक दलित दंपति पर अतिक्रमण हटाने गई पुलिस की बेरहमी से पिटाई भी काफी सुर्खियों में रहा। वर्तमान केस में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन दलित व्यक्ति को बचाने में समाज और सरकार दोनों असफल रहे।