एक बोरी खाद के लिए गोदामों के बाहर रात काटने को मजबूर हैं किसान, जीतू पटवारी ने लिखा CM को पत्र

मध्य प्रदेश में खाद का शॉर्टेज, एक-एक बोरी खाद को तरस रहे किसान, गोदामों के बाहर रात काटने को मजबूर, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने केंद्र और राज्य सरकार को लिखा पत्र

Updated: Oct 28, 2021, 11:09 AM IST

एक बोरी खाद के लिए गोदामों के बाहर रात काटने को मजबूर हैं किसान, जीतू पटवारी ने लिखा CM को पत्र

भोपाल। मध्य प्रदेश में उर्वरक संकट गहराता जा रहा है। खाद के लिए किसान गोदामों के बाहर रात काटने को मजबूर हैं। कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री जीतु पटवारी ने सीएम शिवराज समेत पीएम मोदी और उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया को इस संबंध में पत्र लिखा है। पटवारी ने मांग की है कि प्रदेश में जल्द ही उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

सीएम शिवराज को संबोधित पत्र में जीतू पटवारी ने लिखा, 'प्रदेश में कर्जमाफी न होने से जहां किसानों पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है वहीं नकली बीज, नकली खाद के चलते उनकी कमर पहले ही टूट चुकी है। प्रदेश में बुआई के लिए अब 20-25 दिन बचे है। इन्हीं 20 दिनों में रबी सीजन की फसलें गेहूँ, चना, मसूर और सरसों की बुआई होनी है। इसके लिए एक लाख मैट्रिक टन डीएपी की तत्काल आवश्यकता है। लेकिन प्रदेश में खाद का संकट लगातार गहराता ही जा रहा है।'

यह भी पढ़ें: MP में किसान सम्मान निधि बनी किसान अपमान निधि, मोदी शिवराज दोनों झूठे: जीतू पटवारी

पटवारी ने आगे लिखा, 'किसानों को सही समय पर बुआई के लिए खाद न मिलने से इस बार रबी के सीजन में अधिकांश रकबे में बोनी नहीं हो पायी है। जिसके चलते प्रदेश के किसान आक्रोशित हैं। पिछले दिनों अशोकनगर जिले में खाद के लिए किसानों ने चक्काजाम किया और पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। सागर जिले के बीना में किसानों ने खाद की मांग करते हुए पटरियों पर लेटकर रेल रोकी। इतना नहीं दतिया जिले के इंदरगढ़ में किसान खाद गोदामों के बाहर रात काट रहे है और एक-एक खाद की बोरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 

जीतू पटवारी के मुताबिक केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि प्रदेश में खाद का शार्टेज है और केन्द्र सरकार खाद आयात के लिए प्रयास कर रही है। पटवारी ने लिखा कि, 'यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की समस्या सामने आइबहो। इससे पहले भी आपकी सरकार में किसानों को डीएपी खाद के लिए संघर्ष करना पड़ा है। उसे देखते हुए पहले से ही राज्य में खपत के अनुसार खाद की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी।'

यह भी पढ़ें: उज्ज्वला योजना का ढोल पीटने वाले शिवराज गरीब के घर चूल्हे पर बैठे, विपक्ष ने किया तीखा प्रहार

पटवारी ने सीएम शिवराज को निशाने पर लेटे हुए कहा है कि आप तो अपने आप को हमेशा किसान हितैषी कहते हैं। किसानों की समस्याओं को जानने का दावा भी करते हैं। ऐसे में आपको तो पता ही होगा कि फसल बोनी के समय खाद न मिलने से किसान कितने परेशान हैं। कांग्रेस नेता ने मांग किया है कि किसानों को शीघ्र खाद मुहैया कराई जाए साथ ही खाद की कालाबाजारी पर भी रोक लगे।