MP के IAS अधिकारी ने DGP से मांगी सुरक्षा, सिग्नल ऐप पर मिली थी जान से मरने की धमकी

54 महीनों में 9 बार तबादले को लेकर लिखा चैट हुआ था लीक, भ्रष्टाचार के लगाए थे आरोप, सरकार ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है, दिग्विजय सिंह ने दिया समर्थन

Updated: Jun 19, 2021, 08:58 AM IST

MP के IAS अधिकारी ने DGP से मांगी सुरक्षा, सिग्नल ऐप पर मिली थी जान से मरने की धमकी

भोपाल। मध्य प्रदेश के एक युवा आईएएस अधिकारी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को चिट्ठी लिख कर सुरक्षा की मांग की है। बीते 54 महीनों में अपने 9 तबादलों पर नाराजगी व्यक्त करने के बाद राज्य के आईएएस अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिली है। प्राइवेट मेसेजिंग ऐप सिग्नल के एक ग्रुप में उन्होंने राज्य के कई अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे जिसके बाद उन्हें राज्य सरकार ने नोटिस भी भेजा था।

2014 बैच के एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी लोकेश जांगिड़ का बीते साढ़े चार सालों में 9 बार तबादला हुआ है। देख जाए तो लगभग हर 6 महीने में एक बार उन्हें नई पोस्टिंग दी गई है। इसी को लेकर जांगड़ ने सिग्नल मैसेंजिंग ऐप के एक प्राइवेट ग्रुप में अपने दुख बयान करते हुए सरकारी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे जो लीक हो गया था। लोकेश का मानना था कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त ना करने की उनकी नीति की वजह से बार–बार उनका तबादला हो जाता है। लीक हुई बातचीत के आधार पर राज्य सरकार ने लोकेश के खिलाफ अनुशासनहीनता का आरोप लगाया है और एक हफ्ते के भीतर जवाब तलब किया है।

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उधर लोकेश ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक विवेक जोहरी को पत्र लिख कर सुरक्षा की मांग की है। लोकेश ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि गुरुवार को सिग्नल ऐप पर रात के 11.50 बजे उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया। उस व्यक्ति ने लोकेश को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी और कहा कि वह मीडिया से बातचीत ना करे वरना उनके परिवार की जान को खतरा हो सकता है। लोकेश की माने तो उस अज्ञात कॉलर ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि यदि वे अपनी और अपने बेटे की जान की परवाह करते हों तो छः महीने की छुट्टी लेकर अपने गांव चले जाएं। लोकेश ने जोहरी को लिखे पत्र के जरिए स्वयं व अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है। भोपाल पुलिस ने चिट्ठी को संज्ञान में लेते हुए तुरंत ही जांच शुरू कर दिया है।

गृह राज्य महाराष्ट्र में तबादले की मांग

लोकेश ने अब अपने बीमार दादा और विधवा मां की देखभाल के लिए गृह राज्य महाराष्ट्र में तीन साल की प्रतिनियुक्ति के लिए भी आवेदन दिया है। जांगिड़ को हाल ही में बड़वानी जिले के अतिरिक्त कलेक्टर के पद से राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल में अतिरिक्त मिशन निदेशक के पद पर अपने स्थानांतरित किया गया था। उनके द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्य के मेडिकल शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा था कि ये तबादले सामान्य प्रशानिक प्रक्रिया है। सारंग ने कहा था कि प्रशासनिक अधिकारियों का पूर्वाग्रह से ग्रसित होना अनुशासनहीनता है।

दिग्विजय सिंह ने किया समर्थन

राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को पत्र लिख कर लोकेश को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि लोकेश द्वारा डीजीपी को लिखे पत्र पर त्वरित कार्रवाई की जाए। कांग्रेस नेता ने पत्र में लिखा है कि ‘अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी के साथ किये जा रहे पक्षपातपूर्ण व्यवहार से प्रदेश के वंचित वर्ग में तीव्र आक्रोश है।’ 

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दिग्विजय सिंह ने लोकेश का समर्थन करते हुए कहा है कि, ‘बड़वानी जिले में 55 लाख रूपये के ऑक्सिजन कंसंट्रेटर की खरीदी में भ्रष्टाचार का मामला इस आईएएस अधिकारी ने उठाया था। जिसके बाद शासन ने उन्हें बड़वानी जिले से ट्रांसफर कर भोपाल में पदस्थ कर दिया है। इससे पहले भी जन-जन में लोकप्रिय अधिकारी के 8 बार तबादले किए गये थे।’

पूर्व सीएम ने कहा है कि यह मामला उच्च स्तर पर हुए भ्रष्टाचार से संबंधित है तथा मामले को उजागर करने वाले आईएएस अधिकारी को जान से मारने की धमकी दी गई है। उन्होंने कहा है कि जिस अधिकारी के कार्यों की चहुंओर इतनी सराहना होती है उसे तबादले के बाद मिल रही धमकियों के मद्देनजर ज़रूरी सुरक्षा प्रदान कि जाए।