सीधी पुलिस ने पत्रकार और सोशल एक्टिविस्टों को किया अर्धनग्न, फोटो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

रंगकर्मी नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन, पुलिस ने लॉकअप में बंद कर उतरवाए कपड़े, एसपी ने कहा कि ये मारपीट पर उतारू हो गए थे, कांग्रेस बोली- शिवराज जी तानाशाही बंद करें.. हंगामा बढ़ता देख हुई कार्रवाई

Updated: Apr 08, 2022, 10:38 AM IST

सीधी पुलिस ने पत्रकार और सोशल एक्टिविस्टों को किया अर्धनग्न, फोटो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां पुलिस ने एक पत्रकार और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के कपड़े उतरवाकर थाने में न सिर्फ खड़ा किया बल्कि अर्धनग्न हालत में उनकी तस्वीरें लेकर वायरल भी कर दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि तस्वीरें वायरल कैसे हुई हम इसकी जांच कर रहे हैं। हंगामा बढ़ता देख सरकार ने आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है।

दरअसल, यह पूरा मामला बीते 2 अप्रैल का है। सीधी कोतवाली पुलिस ने जानेमाने रंगकर्मी व इंद्रावती नाट्य समिति के डायरेक्टर नीरज कुंदेर को गिरफ्तार किया था। कुंदेर पर आरोप था कि वह एक फेक फेसबुक आईडी के माध्यम से स्थानीय बीजेपी एमएलए केदारनाथ शुक्ला के बेटे के खिलाफ अनर्गल पोस्ट कर रहे थे।

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कुंदेर की गिरफ्तारी के खिलाफ दो अप्रैल को सैंकड़ों की संख्या में पत्रकार, रंगकर्मी, सोशल एक्टिविस्ट और स्थानीय व्यापारियों ने जिला कोतवाली के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ नारेबाजी शुरू हुई तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दी। पुलिस ने बलप्रयोग कर न सिर्फ भीड़ को खदेड़ा बल्कि कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों में एक स्थानीय पत्रकार कनिष्क तिवारी समेत कई रंगकर्मी व सोशल एक्टिविस्ट थे। बताया जा रहा है कि पुलिस इन्हें अर्धनग्न कर रातभर पिटती रही। अर्धनग्न अवस्था में पुलिसकर्मियों ने कुछ तस्वीरें भी लीं जो अब वायरल हो रही हैं। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सीधी यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनके एक साथी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था और बेइज्ज़त करने के मकसद से नग्न तस्वीरों को वायरल किया गया है।

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मामले पर सीधी एसपी ने कहा कि, 'नीरज कुंदेर ने बीजेपी एमएलए को काफी दिनों से परेशान कर रखा था। वह फेक आईडी से लगातार अनर्गल पोस्ट करता था। शिकायत मिलने पर हमने फेसबुक से जानकारी ली जिसमें उसका नाम सामने आया। पुलिस ने पूछताछ करने के लिए नीरज को गिरफ्तार किया तो कनिष्क तिवारी और उसके अन्य साथी थाने में आकर हंगामा करने लगे। वे मारपीट पर उतारू हो गए, इसलिए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और अगले दिन उन्हें छोड़ा गया।' 

एसपी के मुताबिक पत्रकार कनिष्क तिवारी आदतन अपराधी है और एक बार अवैध तरीके से लड़कियों के हॉस्टल में भी घुस गया था। इस मामले में भी उसके खिलाफ जांच हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि फोटो वायरल कैसे हुई इसकी जांच की जा रही है और निश्चित तौर पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। कांग्रेस नेता अरुण यादव ने इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लेते हुए तानाशाही बंद करने को कहा है।

खबर छपने और सोशल मीडिया पर चौतरफा सवाल उठने के बाद सीधे मुख्यमंत्री ने दखल दी है। बताया जा रहा है कि स्थानीय टीआई और आरक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मगर सोशल मीडिया पर SHO मनोज सोनी का एक बयान अब भी वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने इस मामले में हैरान करनेवाला तर्क देते हुए कहा कि "पीड़ितों को पूरा नग्न नहीं किया गया था। हम सुरक्षा की दृष्टि से हवालात में लोगों को ऐसे ही रखते हैं ताकि कोई अपने कपड़ों से खुद को फांसी न लगा ले।"