Leopard State MP: टाइगर स्टेट के बाद मध्य प्रदेश को मिला लेपर्ड स्टेट का दर्जा

देश में सबसे ज्यादा 3421 तेंदुए मध्य प्रदेश में, चार साल में 1604 तेंदुए बढ़े, 1783 तेंदुओं के साथ कर्नाटक दूसरे नंबर पर

Updated: Dec 22, 2020, 06:41 PM IST

Leopard State MP: टाइगर स्टेट के बाद मध्य प्रदेश को मिला लेपर्ड स्टेट का दर्जा
Photo Courtesy: twitter

भोपाल। मध्य प्रदेश को अब टाइगर स्टेट के साथ लेपर्ड स्टेट का दर्जा भी मिल गया है। प्रदेश के जंगलों में कुल 3421 तेंदुए पाए गए हैं। दूसरे स्थान पर कर्नाटक है, जहां तेंदुओं की संख्या 1783 है। प्रदेश में चार साल में 1604 तेंदुए बढ़े हैं। पूरे देश में तेंदुओं की संख्या चार साल में 62 प्रतिशत बढ़ी है। 2014 की गणना के अनुसार देश में कुल तेंदुओं की संख्या 7,910 थी, जो 2018 में 12,852 हो गई। केंद्रीय वन मंत्रालय ने साल 2018 के आंकड़े जारी किए हैं। गौरतलब है कि तेंदुओं की गिनती ट्रैप कैमरे से हुई है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसपर खुशी जताई है, और वन्यजीव संरक्षण की तारीफ की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा ''ग्रेट न्यूज! शेर और बाघ के बाद अब तेंदुओं की आबादी में बढ़ोतरी, उन सभी को शुभकामनाएं जो जानवरों के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने जीवों के संरक्षण का प्रयास जारी रखने की अपील की है। वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी आंकड़े बताते हुए खुशी जाहिर की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि पिछले कई वर्षो में शेर, बाघ और तेंदुओं की संख्या का बढ़ना वन्यजीव और जैव विविधता संरक्षण का  सबूत है।
 

Congratulations to the States of MP(3,421), Karnataka(1783) and Maharashtra(1690) who have recorded the highest leopard estimates.

Increase in Tiger, Lion & Leopards population over the last few years is a testimony to fledgling wildlife & biodiversity. pic.twitter.com/LsJcUPOEsr

— Prakash Javadekar (@PrakashJavdekar) December 21, 2020

मध्य प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह ने भी प्रदेश के लेपर्ड स्टेट बनने पर प्रदेशवासियों और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है। आपको बता दें कि 2018 की गणना के अनुसार देश में सबसे अधिक 526 टाइगर बाघ मध्य प्रदेश में हैं, उसे टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है। कर्नाटक 524 बाघों के साथ देश में दूसरे स्थान पर है। अब टाइगर स्टेट और लेपर्ड स्टेट का खिताब बनाए रखना एक बड़ी चुनौती भी है।