हम जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे, कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटने देंगे: दिग्विजय सिंह

कमलनाथ का मंत्री भूपेंद्र सिंह पर हमला, बच्चे पढ़ सके इसलिए घर तक खाली नहीं कराया, वे कैसे कह सकते हैं कि हमने किसी को प्रताड़ित किया।

Updated: Dec 19, 2022, 09:15 AM IST

हम जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे, कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटने देंगे: दिग्विजय सिंह

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने आज सीएम चौहान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ज्यूडिशियल कमेटी बनाने की मांग की। दिग्विजय सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इस बात की जानकारी दी। इस दौरान पीसीसी चीफ कमलनाथ भी मौजूद रहे।

दिग्विजय सिंह ने भोपाल स्थित पीसीसी मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि, 'मुझे 50 साल के राजनीतिक जीवन में ऐसा उदाहरण नहीं मिला जिस तरह दतिया, सुरखी और खुरई में फर्जी मुकदमे किए गए हैं। आप खिलाफत करेंगे, नगर पालिका चुनाव लडना चाहते हैं तो पुलिस भेज दिया। नोटिस भेज दिया कि कल घर गिरा देंगे। फॉर्म वापस ले लो। जिसने नहीं माना उसके खिलाफ मुकदमा कर देंगे। कल सुबह साढ़े नौ बजे से लेकर रात को एक बजे तक मैं खुरई और सुरखी के लोगों से मिला। ऐसे सैंकड़ों प्रकरण मेरे सामने आए।'

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सिंह ने आगे कहा कि, 'यहां जबरदस्ती लोगों को परेशान किया जा रहा है, लोग जेलों में बंद हैं। कुछ लोगों से मैं जेल में जाकर भी मिला। ऐसे अनेकों उदाहरण हैं। जंगलराज हो गया है। कल हमने वरिष्ठ वकील शशांक शेखर जी से मीटिंग की है। हर जिले में कांग्रेस पार्टी के दो वकील तैनात किए जा रहे हैं, जो कार्यकर्ताओं के मुकदमे लड़ेंगे।' 

सिंह ने एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि जब
भारत जोड़ो यात्रा निकल रही थी तो एक कस्बे में कृष्णा यादव ने अपने ढाबे पर हमारा स्वागत किया था। इसके बाद कृष्णा यादव पर भी झूठा केस लगा दिया की तुम्हारे घर पर महुए की शराब पकड़ी गई है। आज भी उसकी जमानत नहीं हो पाई है। पूरा ढाबा भी तोड़ दिया गया। जेसीबी जो तोड़ने गई उसने स्कॉर्पियो पर ऐसा मारा की उसकी स्कॉर्पियो टूट गई। बाद में मंत्री भूपेंद्र सिंह के भतीजे उसके पास गए और कहा कि तुम्हें जो नुकसान हुआ उसके 20 हजार रुपए खाते में डाल दिए हैं। लाखों का जिसका नुकसान हुआ उसके खाते में 20 हजार डाल दिए।

सिंह ने बताया कि वह कमलनाथ और डॉ गोविंद सिंह के साथ सीएम से मिलने गए थे। उन्होंने सीएम से मांग की है की एक ज्यूडिशियल कमीशन बनाई जाए जिसके सामने हम झूठे प्रकरण रख सकें। यदि उसमें ज्यादा समय लगता है तो एक विधानसभा की समिति बनाई जाए जिसके अध्यक्ष स्वयं विधानसभा अध्यक्ष हों। वे हर तथ्यों से अवगत हों और जहां प्रमाण नहीं है वो केस वापस लिया जाए और झूठे केस बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बकौल सिंह मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है की वे जांच कराएंगे।

सिंह ने आगे कहा कि जिसने वाकई में अपराध किया है हम उसे समर्थन नहीं करेंगे। लेकिन जो झूठे प्रकरण में जेल गया है... जिसकी केस डायरी नहीं भेज रहे हैं, चालान नहीं जमा कर रहे हैं, जमानत नहीं होने दे रहे हैं। झूठा फंसाया गया है... उन्हें न्याय मिले। डॉ आनंद राय के मामले में जमानत रिजेक्ट हो गई, लेकिन उसका आदेश आजतक पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ। उसकी कॉपी भी उसे नहीं मिली, जिससे सुप्रीम कोर्ट में वो अपील कर सके। ये क्यों हो रहा है ऐसा। हजारों ऐसे केस हैं। प्रतिशोध की भावना से ये काम कर रहे हैं। 

सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि, 'अगर मुख्यमंत्री ने जांच कमेटी गठित नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी जेल भरो आंदोलन शुरू करेगी। हमारे कार्यकर्ता को जेल भेजा है तो हमें भी जेल भेजो। हम भी उनके साथ जेल जाएंगे लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटने देंगे।'

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इस दौरान कमलनाथ ने कहा कि, 'मेरे पास मुख्यमंत्री से लेकर हर किसी की शिकायतें आती थी, लेकिन मैने कभी प्रतिशोध की राजनीति नहीं की। आपको सच्चाई नहीं पता ई टेंडर की, आपको हनी ट्रैप की सच्चाई नहीं पता। मैं नहीं चाहता था कि पूरे प्रदेश की बदनामी हो। मुख्यमंत्री आयोग बना दें पता चलेगा 2018 से लेकर अबतक कौन प्रताड़ित हुआ। हमारे कार्यकाल में भी क्या हुआ उसकी भी जांच करें।'

भूपेंद्र सिंह जिक्र होने पर कमलनाथ ने कहा कि मैने अपने कार्यकाल में उनका घर तक नहीं लिया। उनका घर सुरक्षित करने के लिए मैने नकुलनाथ के नाम पर उसे अलॉट किया, क्योंकि सभी मंत्री मेरे पीछे पड़े हुए थे। उन्होंने रिक्वेस्ट किया था की मेरा बेटा यहां पढ़ रहा है ये घर मुझे रहने दीजिए। मैने खाली नहीं कराया सोचा बच्चे को पढ़ना है, मानवता के नाते रहने दिया। 
आज भूपेंद्र सिंह कह रहे हैं कि मुझे प्रताड़ित किया गया।