किसानों का सर फोड़ने का आदेश देने वाले SDM के बचाव में उतरे CM खट्टर, बोले- सख्ती जरूरी थी

बुजुर्ग किसान को बर्बरतापूर्ण पीटकर लहूलुहान करने की घटना को हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर ने ठहराया जायज, बोले- फोर्स जब काम करती है तो सारी सख्ती प्रयोग की जाती है

Updated: Aug 30, 2021, 06:31 PM IST

किसानों का सर फोड़ने का आदेश देने वाले SDM के बचाव में उतरे CM खट्टर, बोले- सख्ती जरूरी थी

चंडीगढ़। हरियाणा के करनाल में बुजुर्ग किसान के साथ क्रूरता की हद पार करने वाली पुलिसिया कार्रवाई और किसानों का सर फोड़ने का आदेश देने वाले एसडीएम के बयान ने देशवासियों को आक्रोशित कर दिया है। इसी बीच इस घटना को लेकर हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर का बयान सामने आया है, जिसमें किसानों को लेकर उनकी कुत्सित मानसिकता सामने आ गई है। सीएम खट्टर ने दोषी एसडीएम का बचाव करते हुए किसानों के साथ हुई बर्बरता को जायज ठहराया है। खट्टर का कहना है कि फोर्स जब काम करती है तो सारी सख्ती प्रयोग की जाती है और करनाल में प्रदर्शनकारी किसानों पर सख्ती भी जरूरी थी।

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सोमवार को राजधानी चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम खट्टर ने कहा, 'जो वीडियो हमने देखी है, उसमें उस अधिकारी का शब्दों का चयन सही नहीं है। मगर सख्ती करना तो उनका काम है, और उस हालात में किसानों पर सख्ती जरूरी थी। लेकिन अधिकारी को शब्दों का चयन संभलकर करना चाहिए। फोर्स जब कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करती है तो क्या क्या नहीं होता है। सारी सख्ती प्रयोग की जाती है।'

दरअसल, करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा ने ऑन कैमरा पुलिसकर्मियों को यह निर्देश दिया था कि किसानों को पीटकर उनका सर फोड़ दिया जाए। आईएएस अधिकारी ने कहा था कि, 'उठा-उठा के मारना सब को। अगर कोई भी व्यक्ति बैरिकेडिंग तक पहुंचने की कोशिश करता है तो सिर फोड़ देना। अगर कोई भी प्रदर्शनकारी यहां पहुंचता है बिना किसी आदेश का इंतजार किए सिर फोड़ देना। मेरे पास कोई भी बंदा निकल के नहीं आना चाहिए। अगर आए तो सर फूटा हुआ होना चाहिए उसका।'

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एसडीएम के इस शर्मनाक बयान के बाद से ही उसकी बर्खास्तगी की मांग हो रही है। लोगों का कहना है कि इस तरह के क्रूर ऑफिसर को एक मिनट भी अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। खास बात यह है कि खुद बीजेपी के नेताओं का एक धड़ा भी इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दे चुका है। हालांकि, अब खबर आई है कि आरोपी एसडीएम के खिलाफ हरियाणा सरकार ने कोई कार्रवाई न करने का फैसला किया है। ऐसे में इस बात का संदेह और गहरा गया है की सडीएम ने यह आदेश सरकार के इशारे पर ही दिया था। 

खट्टर सरकार को जाना होगा- शिवसेना

शिवसेना ने किसानों के साथ हुए इस बर्बरता की तुलना जलियांवाला बाग नरसंहार से की है। शिवसेना ने इसे जलियांवाला बाग पार्ट-2 करार देते हुए कहा कि, 'ब्रिटिश सोल्जर ने किसानों के नेता लाला लाजपत रॉय को ऐसे ही सर फूटने तक मारा था।' मुख्यपत्र सामना में शिवसेना ने लिखा है कि, 'ये लाठी हमला अंधाधुंध गोली से भी ज्यादा भयंकर है। तालिबानी आतंकी जिस तरह इंसानों को मार रहे हैं, उसी तालिबानी तरीके से हरियाणा की बीजेपी सरकार ने किसानों के सिर फोड़कर भारत माता को खून से भिगो दिया है।' शिवसेना ने यहां तक कहा है कि हरियाणा सरकार को जाना होगा।