पुलिस ने किसानों पर किया वाटर कैनन का उपयोग, एक सुर में खट्टर सरकार का शुरू हुआ विरोध

करनाल में किसानों का एक हुजूम 28 अगस्त को हुई पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ महापंचायत में आज शामिल हुआ था, करनाल प्रशासन से बातचीत बेनतीजा निकलने के बाद किसान लघु सचिवालय का घेराव करने जा रहे थे, इसी दौरान योगेंद्र यादव और राकेश टिकैत सहित कई किसान नेताओं को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया था

Updated: Sep 07, 2021, 07:25 PM IST

पुलिस ने किसानों पर किया वाटर कैनन का उपयोग, एक सुर में खट्टर सरकार का शुरू हुआ विरोध

करनाल।  पैदल मार्च के दौरान करनाल पुलिस ने किसानों पर वाटर कैनन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। किसान नेताओं के नेतृत्व में लघु सचिवालय की ओर रुख कर रहे किसानों पर करनाल प्रशासन ने वाटर कैनन चलाना शुरू कर दिए। जिसके बाद हरियाणा पुलिस की इस बर्बता का कड़ा विरोध शुरू हो गया । 

हरियाणा पुलिस के इस रवैये की एक बार फिर आलोचना शुरू हो गई। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने किसानों पर चलाए गए वाटर कैनन का विरोध करते हुए कहा कि ये है अभी अभी करनाल में न्याय माँगते अन्नदाता से भाजपा-जजपा सरकार का ज़ालिम व्यवहार। एक एस.डी.एम की आड़ में छुप खट्टर सरकार किसानों को भड़काना, भिड़वाना और मरवाना चाहती है। ये अहंकार भी टूटेगा, धरतीपुत्र जीतेगा।वहीं राकेश टिकैत ने कहा है कि वाटर कैनन की बौछार किसानों की आवाज़ को नहीं दबा पाएगी। 

इससे पहले हरियाणा पुलिस ने दबाव में आने के बाद राकेश टिकैत और योगेंद्र यादव सहित अन्य किसान नेताओं को छोड़ दिया। करनाल के लघु सचिवालय की ओर पैदल मार्च के दौरान पुलिस ने किसान नेताओं को अपनी हिरासत में ले लिया था। 

योगेंद्र यादव ने गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर पहले कहा कि करनाल प्रशासन के साथ किसानों के साथ बातचीत विफल हो गई है।पुलिस ने मुझे, राकेश टिकैत सहित संयुक्त किसान मोर्चा के सभी नेताओं को नमस्ते चौक से हिरासत में ले लिया है। इसके ठीक थोड़ी देर बाद योगेंद्र यादव ने जानकारी दी कि पुलिस ने सभी किसान नेताओं को बस से उतार दिया है।

योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया, किसानों के भारी दबाब और प्रदर्शन के कारण में पुलिस ने सभी साथियों को बसों से उतार दिया है। सभी नेता पैदल आगे बढ़ रहे हैं। 

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पैदल मार्च से पहले राकेश टिकैत और योगेंद्र यादव सहित कुल 11 सदस्यीय किसान नेताओं के दल के साथ करनाल प्रशासन की बातचीत हुई थी। लेकिन यह बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसान नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने लघु सचिवालय का घेराव करने के लिए पैदल मार्च शुरू कर दिया।  

हम हरियाणा की जेल भरने के लिए तैयार 

वहीं राकेश टिकैत ने भी हरियाणा सरकार को खुली चुनौती दी है। राकेश टिकैत ने खट्टर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि या तो खट्टर सरकार हमारी मांगे माने, नहीं तो हम हरियाणा की जेल भरने के लिए तैयार हैं। राकेश टिकैत के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, करनाल में सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही। या तो खट्टर सरकार मांग माने या हमें गिरफ्तार करे। हम हरियाणा की जेलें भरने को भी तैयार।

इससे पहले हरियाणा सरकार ने करनाल सहित हरियाणा के पांच ज़िलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। लेकिन सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद किसान भारी संख्या में 28 अगस्त को हुई बर्बरता के प्रति अपना विरोध जताने के लिए पहुंच गए। महापंचायत स्थल अनाज मंडी पर किसानों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। सभी किसान लघु सचिवालय का घेराव करने के इरादे से करनाल पहुंचे थे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए करनाल प्रशासन ने घेराव से पहले किसान नेताओं को बातचीत का प्रस्ताव दिया। लेकिन प्रशासन और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला।