मोदी वापस क्यों नहीं ले रहे कृषि क़ानून, देखिए इस ऑनलाइन सर्वे में क्या मिला जवाब

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने ट्विटर एकाउंट के ज़रिए आज एक सर्वे करके लोगों से सवाल पूछा कि मिस्टर मोदी किसान विरोधी क़ानून वापस क्यों नहीं ले रहे, देखिए क्या रहा इस सियासी सर्वे का नतीजा

Updated: Dec 31, 2020, 03:16 AM IST

मोदी वापस क्यों नहीं ले रहे कृषि क़ानून, देखिए इस ऑनलाइन सर्वे में क्या मिला जवाब
Photo Courtesy : The Logical Indian

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महीने से ज्यादा वक्त से चल रहे किसान आंदोलन के बावजूद अपने लाए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने को तैयार क्यों नहीं हैं? इस सवाल का जवाब क्या होगा ये इस बात पर निर्भर है कि आप यह सवाल किससे पूछ रहे हैं। आंदोलन कर रहे किसानों और उनके समर्थकों से पूछेंगे तो जवाब मिलेगा कि सरकार उनकी तकलीफ, समस्याओं को समझती नहीं है या कोई यह भी कह सकता है कि सरकार को किसानों की नहीं बड़े कॉरपोरेट की परवाह है। सत्ताधारी बीजेपी या उसके समर्थक कहेंगे कि मोदी के बनाए कानून दरअसल किसानों के हक में हैं, लेकिन वे इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं।

बहरहाल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने भी लोगों से यही सवाल पूछा है। दरअसल, उन्होंने तो अपने ट्विटर हैंडल के जरिए इस सवाल पर एक ऑनलाइन सर्वे ही करा डाला है। राहुल गांधी ने लोगों से सवाल किया है, "मिस्टर मोदी किसान-विरोधी कानूनों को वापस लेने से इसलिए इनकार कर रहे हैं, क्योंकि वे : 

1. किसान विरोधी हैं

2. कुछ करीबी पूंजीपतियों के इशारे पर काम करते हैं 

3. अहंकारी हैं 

4. ऊपर दिए सभी जवाब सही हैं"

 

 

हमने जिस वक्त राहुल गांधी का ये ट्विटर सर्वे देखा, तब करीब 70 फीसदी लोग चौथे विकल्प को सही बता रहे थे। यानी उनकी राय में मोदी कृषि बिलों को इसलिए वापस नहीं ले रहे क्योंकि वे किसान विरोधी हैं, कुछ करीबी पूंजीपतियों के इशारों पर काम करते हैं औऱ साथ ही अहंकारी भी हैं। 

Photo Courtesy: Twitter/Rahul Gandhi

अब इन सवालों को जिस तरह तैयार किया गया है, उसे देखकर ये बात तो कोई भी समझ सकता है कि ये कोई वैसा सर्वे नहीं है, जैसा सर्वेक्षण करने वाली एजेंसियां करती हैं। और हो भी नहीं सकता, क्योंकि ये सर्वे कोई एजेंसी नहीं, राहुल गांधी जैसे राजनेता कर रहे हैं। लेकिन इतना तो कहा ही जा सकता है कि राहुल गांधी ने इस ऑनलाइन ट्विटर सर्वे के जरिए किसानों के मुद्दे पर मोदी को घेरने का एक दिलचस्प तरीका ज़रूर आजमाया है।