प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति बाइडेन से फ़ोन पर की बात

मोदी ने खुद ट्वीट कर बताया कि उन्होंने बाइडेन और कमला हैरिस को जीत की बधाई दी, उन्होंने इस दौरान भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी जताई

Updated: Nov 18, 2020, 01:53 PM IST

प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति बाइडेन से फ़ोन पर की बात
Photo Courtesy: Twitter

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन को फोन कर उन्हें जीत के लिए बधाई दी है। पीएम मोदी ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने भारतीय मूल की कमला हैरिस को भी उपराष्ट्रपति चुने जाने पर शुभकामनाएं दी हैं। बाइडेन और हैरिस ने भी मोदी को धन्‍यवाद देते हुए दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करने की इच्‍छा जताई है।

पीएम ने मंगलवार देर रात ट्वीट कर कहा, 'अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडेन को फोन पर बधाई दी। हमने भारत-अमेरिका के बीच रणनीति साझेदारी को लेकर अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा- कोव‍िड-19 महामारी, क्‍लाइमेट चेंज और इंडो-पसिफिक क्षेत्र जैसी साझा प्राथमिकताओं और चिंताओं पर भी चर्चा की।'

 

 

कमला हैरिस पर भारतीयों को गर्व

पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट में उप राष्ट्रपति इलेक्ट कमला हैरिस को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों के लिए प्रेरणा और गर्व का विषय बताया। उन्होंने ट्वीट किया, 'मैंने नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति कमला हैरिस के लिए भी हार्दिक बधाई दी। उनकी सफलता जीवंत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों के लिए बहुत गर्व और प्रेरणा का विषय है, जो भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक जबरदस्त स्रोत है।'

 

 

अमेरिका में हाल ही में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन की जीत हुई है। अमेरिकी सिस्टम के मुताबिक अब वे 20 जनवरी को अपना कार्यभार संभालेंगे। उनकी सहयोगी कमला हैरिस उप-राष्ट्रपति बनेंगी। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों का एलान करीब दस दिन पहले हो चुका है, लेकिन मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब तक हार मानने को तैयार नहीं हैं। वे चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए नतीजों को अदालतों में चुनौती देने की बात कर रहे हैं। यहां तक कि वे अमेरिकी सिस्टम के मुताबिक निर्वाचित राष्ट्रपति की टीम को हैंडओवर देने की प्रक्रिया में सहयोग भी नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते वहां पावर ट्रांसफर की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।