पहले चंदा के रुपए चुराए, अब जमीन हड़प रहे हैं, अयोध्या में राम नाम पर हो रही है लूट: प्रियंका गांधी

राम मंदिर जमीन घोटाला मामले में हमलावर हुईं प्रियंका गांधी, बीजेपी पर धर्म के साथ आस्था को भी बेचने का लगाया आरोप, बोलीं- राम मंदिर के आसपास की जमीनों की हुई लूट

Updated: Dec 23, 2021, 04:06 PM IST

पहले चंदा के रुपए चुराए, अब जमीन हड़प रहे हैं, अयोध्या में राम नाम पर हो रही है लूट: प्रियंका गांधी

नई दिल्ली। रामनगरी अयोध्या में बन रहे मंदिर के आसपास के इलाकों में भाजपा नेताओं द्वारा जमीन खरीदने का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस मामले में बीजेपी पर धर्म और आस्था को बेचने का आरोप लगाया है। प्रियंका ने कहा कि पहले चंदा के रुपयों की चोरी हुई और अब जमीन हड़पी जा रही है। अयोध्या में राम के नाम पर लूट मची है।

गुरुवार को प्रियंका गांधी व कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। प्रियंका गांधी ने इस दौरान कहा कि, 'राम मंदिर के आसपास की जितनी भी जमीनें हैं, उसकी लूट मची है। भाजपा के नेता, अधिकारी और ट्रस्ट के लोग इस लूट में शामिल हैं। वहां पर कितने हजार करोड़ का घोटाला किया गया है, नहीं मालूम। पूरे देश की जनता ने राम मंदिर के लिए चंदा दिया। ये लोगों की आस्था है और इस पर चोट की जा रही है। अयोध्या में दलितों की जमीनें हड़पी गईं। कुछ जमीनें कम दाम में खरीद कर ज्यादा दाम में बेची गईं।'

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प्रियंका ने एक प्रकरण का उल्लेख करते हुए बताया कि, '10 हजार वर्ग मीटर की जमीन 8 करोड़ रुपये में ट्रस्ट को बेची, उसी जमीन का दूसरा हिस्सा (12 हजार वर्ग मीटर) को 2 करोड़ रुपये में किसी रवि मोहन तिवारी को बेची गई। यह जमीन महज 19 मिनट बाद बेची गई। तिवारी ने जो जमीन खरीदी उसमें आरएसएस से जुड़े अनिल मिश्रा और राम मंदिर के ट्रस्टी गवाह हैं। उसमें दूसरे गवाह अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय हैं। 5 मिनट बाद तिवारी उसी 2 करोड़ रुपए की जमीन को 18.5 करोड़ में ट्रस्ट को बेच देते हैं। अगर यह घोटाला नहीं है तो और क्या है?'

प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि, 'भगवान राम सत्य के पथ पर चले। उनके नाम पर भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है और पूरे देश की आस्था पर चोट की जा रही है। योगी सरकार कहती है कि जिला अधिकारी स्तर पर जांच की जाएगी। जिला स्तर के अधिकारी मेयर की जांच कैसे करेंगे? मंदिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बन रहा है। जांच भी सुप्रीम कोर्ट स्तर पर होनी चाहिए। राम मंदिर के लिए गरीबों ने चंदा दिया है। पूरे देश की आस्था का प्रश्न है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी सिर्फ योगी आदित्यनाथ की नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी है। उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।'

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प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि, 'भाजपाई मेयर के भतीजे ने एक जमीन बीस लाख में खरीदी और ढाई करोड़ में ट्रस्ट को बेच दी। इस तरह राम मंदिर के नाम पर मिले चंदे की चोरी की गई। एक जमीन दो करोड़ में बेची गई। इसके बाद उसी जमीन को लेकर एफआईआर दर्ज हुई कि ये जमीन बेची ही नहीं जा सकती है। फिर यही जमीन 18 करोड़ में राम मंदिर ट्रस्ट को टिका दी गई।' कांग्रेस ने इस मामले में एफआईआर की कॉपी भी साझा किया है। 

दरअसल, अयोध्या में राम मंदिर के लिए जमीन खरीद के घपले में बीजेपी नेताओं, IAS-IPS अधिकारियों तथा स्थानीय मेयर का नाम सामने आ रहा है। आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद नामचीन लोगों द्वारा अपने सगे-संबंधियों के नाम पर मंदिर के आसपास के इलाकों में जमीनें खरीदी गई। मामला सामने आने के बाद योगी सरकार ने पांच दिन में भीतर जांच का आदेश दिया है।