आरपीएन सिंह ने सोनिया गांधी को भेजा इस्तीफा, बोले नए अध्याय की शुरुआत कर रहा हूं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरपीएन सिंह आज बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेंगे, आरपीएन सिंह कांग्रेस की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके थे

Updated: Jan 25, 2022, 01:36 PM IST

आरपीएन सिंह ने सोनिया गांधी को भेजा इस्तीफा, बोले नए अध्याय की शुरुआत कर रहा हूं
Photo Courtesy: Nation Express

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी है। इसकी औपचारिक घोषणा खुद उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर की है। आरपीएन सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा अपना इस्तीफा साझा किया है। आरपीएन सिंह ने कहा है कि वे अपने राजनीतिक जीवन का नया अध्याय शुरू कर रहे हैं।

कांग्रेस द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक बनाए जाने के बावजूद पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने बगावती रुख अख्तियार कर लिया है। आरपीएन सिंह आज बीजेपी में शामिल होके जा रहे हैं। इसके साथ ही चर्चा इस बात की भी है कि कांग्रेस नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरपीएन सिंह आज दिल्ली में दोपहर तीन बजे बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। बीजेपी उन्हें पडरौना सीट से स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रही है। पडरौना सीट कुशीनगर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है। आरपीएन सिंह कुशीनगर से सांसद भी रह चुके हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्य हाल ही में योगी सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। स्वामी प्रसाद के नेतृत्व में बीजेपी के कई नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। अब बीजेपी आरपीएन सिंह को स्वामी प्रसाद के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है।

काफी दिनों से इस बात की अटकलें तेज़ थीं कि आरपीएन सिंह किसी भी वक्त पाला बदलकर बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी ने आरपीएन सिंह में भरोसा दिखाते हुए उन्हें स्टार प्रचारक बनाया। लेकिन उन्होंने चुनाव से ठीक पहले पार्टी के साथ विश्वासघात करना ही मुनासिब समझा।

आरपीएन सिंह 2009 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जीतकर संसद पहुंचे थे। 2012 से 2014 तक वे कांग्रेस की सरकार में मंत्री रहे थे। लेकिन 2014 में वे बीजेपी के उम्मीदवार राजेश पांडे से चुनाव हार गए थे।