दर्द को आत्मसात करते राहुल गांधी को देखा, भारत जोड़ो यात्रा को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा भट्ट का ट्वीट

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री पूजा भट्ट ने राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हो रहे भारत जोड़ो यात्रा को लेकर किया ट्वीट, उन्होंने लिखा कि- दर्द को आत्मसात करना राहुल गांधी की दुर्लभ विशेषता है

Updated: Sep 07, 2022, 02:32 PM IST

दर्द को आत्मसात करते राहुल गांधी को देखा, भारत जोड़ो यात्रा को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा भट्ट का ट्वीट

मुंबई। राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हो रहे कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को नागरिक समूहों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। 200 से अधिक सिविल सोसायटी के सदस्यों ने लोगों से इसका समर्थन करने की अपील की है। अब बॉलीवुड से भी इस यात्रा को समर्थन मिला है। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री पूजा भट्ट ने इस यात्रा को लेकर ट्वीट करते हुए लिखा कि दर्द को आत्मसात करना राहुल गांधी की दुर्लभ विशेषता है।

पूजा भट्ट ने अपने ट्वीट में लिखा है, 'श्रीपेरंबदूर में राजीव गांधी की स्मृति में प्रार्थना सभा के माध्यम से भारत जोड़ो यात्रा की गरिमामय शुरुआत। दर्द दर्द है और नुकसान नुकसान है। बात यह है कि कोई इसे कैसे समझता है। दर्द को फिर से महसूस करना और उसे आत्मसात करना दुर्लभ विशेषता है। राहुल गांधी को ऐसा करते हुए देखा।'

बता दें कि भारत जोड़ो यात्रा को शुरू करने से पहले राहुल गांधी तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के स्मारक पर गए। इसी स्थान पर 31 साल पहले राजीव गांधी की शहादत हुई थी। महज 22 साल की उम्र में राहुल ने अपने पिता को खो दिया था। यहां प्रार्थना सभा में शामिल होकर वे बेहद भावुक दिखे, लेकिन उसी पिता के विचारों ने उन्हें हिम्मत दी और वे कन्याकुमारी के लिए रवाना हुए।

यह भी पढ़ें: यात्रा से पहले श्रीपेरंबदुर में पिता राजीव गांधी का आशीर्वाद लेने पहुंचे राहुल, 3 दशक पहले यहीं हुई थी शहादत

राहुल गांधी ने इससे पहले एक ट्वीट में लिखा कि, 'मैंने अपने पिता को नफरत और बंटवारे की राजनीति में खोया है। मैं अपने प्यारे देश को भी इसमें नहीं खोऊंगा।
नफरत पर प्यार की जीत होगी। आशा डर को हराएगी। हम सब मिलकर इसे मात देंगे।'

बता दें कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा' 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरेगी। करीब 150 दिनों की इस पदयात्रा में 3,570 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। यह यात्रा कन्याकुमारी से शुरू होकर कश्मीर में खत्म होगी। आजाद भारत के इतिहास में इस तरह की यह पहली यात्रा होगी जिसका मकसद देशवासियों के बीच एकता और बंधुत्व को बढ़ावा देना हो।