घने अंधेरे के बीच नीली रौशनी से जगमगा उठीं समंदर की लहरें

बायोल्यूमिनेसेंस की वजह से उठती हैं समुद्र में नीली लहरें, अद्भुत घटना देख लोग होते हैं हैरान, एक सूक्ष्म समुद्री जीव की वजह से होता है बायोल्यूमिनेसेंस

Updated: Dec 02, 2020, 09:19 PM IST

घने अंधेरे के बीच नीली रौशनी से जगमगा उठीं समंदर की लहरें
Photo Courtesy: Twitter

समुद्र में अचानक नीले रंग की चमकदार रौशनी से जगमगाती लहरें उठने लगें तो आप उन्हें देखकर क्या कहेंगे? ज्यादातर लोग यह नज़ारा देखकर डर जाएंगे। जबकि कुछ लोग नीली लहरें देखने के लिए उत्सुक होंगे। कैमरा उठाकर तस्वीरें खींचने में जुट जाएंगे। समुद्र में उठती नीली लहरों की तस्वीरें कई बार सोशल मीडिया पर वायरल भी होती हैं। लोग नीली लहरों का कारण जानने को भी बेताब रहते हैं। 

समुद्र में नीली चमकती लहरें उठने का वैज्ञानिक कारण होता है। दरअसल समुद्र में नीली लहरों की घटना को बायोल्यूमिनेसेंस कहा जाता है। यह समुद्र में पाए जाने वाले एक खास तरह के एल्गी या शैवाल जैसे जीव की वजह से होता है।

 

 

समुद्र की तेज लहरें जब उसके तट से टकराती हैं, तब ये खास तरह का सूक्ष्म समुद्री जीव अपनी केमिकल एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी में बदल देता है, जिससे चमकदार नीली लहरें दिखाई देने लगती हैं।

यह सूक्ष्म समुद्री जीव फाइटोप्लांकटन प्रजाति का होता है, इसका सांइटिफिक नाम नॉक्टील्यूका है, जिसे आमतौर पर लोग सी स्पार्कल भी कहते हैं। बायोल्यूमिनेसेंस वह प्रक्रिया है, जिसमें जीवों द्वारा प्रकाश का उत्पादन और उत्सर्जन होता है।

बायोल्यूमिनेसेंस में प्रकाश उत्सर्जक अणु और एक एंजाइम शामिल होते हैं। नॉक्टिलुका सिंटिलंस के ब्लूम के समय रात में समुद्र तटों पर बायोलुमिनेसेंस की घटनाएं नजर आती हैं। जिसे देखकर लोग रोमांचित हो जाते हैं। सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट का कहना है कि सी स्पार्कल समुद्री खाद्य श्रृंखला को प्रभावित करते हैं।