4 दिसंबर को होगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, शनिचरी अमावस्या और सूर्य ग्रहण का अनूठा संयोग

भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में  4 घंटे 8 मिनट होगी ग्रहण की अवधि, शनि अमावस्या के मौके  पर दान पुण्य करने से बरसेगी शनि की कृपा

Publish: Dec 03, 2021, 05:34 PM IST

 4 दिसंबर को होगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, शनिचरी अमावस्या और सूर्य ग्रहण का अनूठा संयोग
Photo Courtesy: navbharat times

साल 2021 का आखिरी सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर को है। इस दिन शनिवार होने की वजह से शनैश्चरी अमावस्या का संयोग बनने जा रह है। हालांकि इस बार यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। यह अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कई देशों में नजर आने वाला है। भारत में सूर्य ग्रहण नजर नहीं आने की वजह से यहां सूतक नहीं लगेगा।  4 दिसंबर के सूर्य ग्रहण की अवधि 4 घंटे 8 मिनट की होगी। भारतीय समयानुसार यह दोपहर 12:30 बजे शुरु होगा जो कि दोपहर में 1:03 पर चरम पर होगा। इसकी समाप्ति दिन में 03:07 पर होगी। शनिवार को लगने वाला सूर्य ग्रहण एक ध्रुवीय ग्रहण है। पुराणों के अनुसार शनि देव सूर्य के पुत्र हैं। इस ग्रहण के प्रभाव से शनि और सूर्य दोनों की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

धार्मिक मान्यता  के अनुसार ग्रहण के दौरान किसी तरह का शुभ कार्य वर्जित रहता है। इस दौरान स्नान- दान और पूजा जाप करने का विधान होता है। मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान दान पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। कष्टों से मुक्ति मिलती है। शनिवार को शनीचरी अमावस्या और सूर्य ग्रहण का योग है। इस दौरान जरूरतमंदों को अपने क्षमता के अनुसार दान-पुण्य करना चाहिए। यह अमोघ फल देता है, इससे पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान जूते और चप्पल का दान करने से जीवन में सुख समृद्धि आती है। इसके दान से राहु-केतु का प्रभाव कम होता है। इस दिन अन्न-जल के साथ-साथ गरीबों की आर्थिक मदद करें। गाय को चारा, कुत्ते को रोटी और पक्षियों को दाना डालने से भी लाभ होता है। नौकरी और बिजनेस में सफलता के लिए इस दिन काले कंबल का दान करें। शनि अमावस्या के दिन दान करने से शनि ग्रह से जुड़े कष्टों से मुक्ति मिलती है।