नाइट कर्फ्यू और संडे लॉकडाउन का नहीं दिख रहा एमपी के बड़े शहरों पर असर, आगामी 15 दिनों में कोविड केसेज़ बढ़ने की आशंका

इंदौर में प्रतिदिन 700 के करीब मामले सामने आ रहे हैं जबकि भोपाल में करीब 500 केसेज रोज़ाना दर्ज हो रहे हैं..

Updated: Apr 02, 2021, 10:45 AM IST

नाइट कर्फ्यू और संडे लॉकडाउन का नहीं दिख रहा एमपी के बड़े शहरों पर असर, आगामी 15 दिनों में कोविड केसेज़ बढ़ने की आशंका
Photo Courtesy: The Economic Times

इंदौर/भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना का कहर बदस्तूर जारी है। कोरोना के कहर को नियंत्रित करने के लिए भोपाल, इंदौर और जबलपुर में संडे लॉकडाउन की व्यवस्था शुरू की गई है। तीनों ही जगह रोज़ाना नाइट कर्फ्यू भी लगाया जा रहा है। लेकिन इन तमाम प्रयासों का कोरोना पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है। 

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भोपाल, इंदौर और जबलपुर में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इंदौर में प्रतिदिन 700 के करीब मामले सामने आ रहे हैं। राजधानी भोपाल में प्रतिदिन के हिसाब से यह 500 के करीब पहुंच गया है। जबकि जबलपुर में प्रतिदिन 170 से ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इंदौर में महज़ दस दिनों के भीतर कोरोना के मामले लगभग डबल हो गए। 21 मार्च को इंदौर में कोरोना के 326 मामले सामने आए जबकि 31 मार्च आते आते यह आंकड़ा 642 हो गया। भोपाल में 21 मार्च को कोरोना के 382 मामले सामने आए थे जबकि 31 मार्च को राजधानी में 498 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए। वहीं जबलपुर में 21 मार्च को 108 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। लेकिन 28 मार्च हुए कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 172 पहुंच गया। 31 मार्च को जबलपुर में कोरोना के 161 प्रकरण सामने आए। 

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विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 15 दिनों में अभी कोरोना के और मामले बढ़ने वाले हैं। लिहाज़ा फिलहाल लोगों को कोरोना के निजात मिलने की उम्मीद न के बराबर है। 

कोरोना के बेकाबू होते मामले के पीछे सबसे बड़ी वजह लोगों की लापरवाही मानी जा रही है। तमाम सख्ती के बावजूद ज़्यादातर लोगों के चेहरे से मास्क नदारद दिख रहा है। मनाही होने के बावजूद लोग सौ से अधिक की सांख्य में कार्यक्रमों में जुट रहे हैं। दूसरी तरफ प्रशासन मास्क न लगाने वाले लोगों का चालान तो काट रहा है। लेकिन भीड़ भाड़ इलाकों में प्रशासन भी सख्ती का रवैया नहीं अपना रहा है।

दूसरी तरफ पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में बढ़ रहे कोरोना के मामले भी मध्यप्रदेश के लिए चिंता का विषय हैं। महाराष्ट्र में प्रतिदिन कोरोना के तीस हजार से ज़्यादा मामले सामने आए हैं। महाराष्ट्र से सटे मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में कोरोना का साया अधिक गहराया हुआ है।