सागर: शराब दुकान पर महिलाओं ने बोला धावा, जमकर की पत्थरबाजी, 16 अप्रैल तक का दिया अल्टीमेटम

उमा के रंग में रंगी सागर की महिलाएं, ढोल-नगाड़ों के साथ शराब दुकान पर पहुंची और जमकर मचाया उत्पात, दिग्विजय सिंह की सरकार ने शराब नीति में मोहल्ले की 50 फीसदी महिलाओं की आपत्ति पर शराब दुकान बंद रखने का किया था प्रावधान

Updated: Apr 02, 2022, 12:57 PM IST

सागर: शराब दुकान पर महिलाओं ने बोला धावा, जमकर की पत्थरबाजी, 16 अप्रैल तक का दिया अल्टीमेटम

सागर। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती द्वारा शराब दुकानों पर पथराव का असर अब मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी दिखने लगा है। सागर जिले में एक शराब दुकान पर महिलाओं द्वारा पत्थरबाजी का मामला सामने आया है। महिलाओं ने इस दौरान अल्टीमेटम दिया कि 16 अप्रैल तक यदि दुकान नहीं हटाई जाती है तो वे दोबारा आएंगी और फिर जमकर तोड़फोड़ करेंगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को सागर के देवरी में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर सैंकड़ों की संख्या में महिलाएं ढोल-नगाड़ों के साथ सड़कों पर उतरीं। नारेबाजी करते हुए महिलाओं का हुजूम बस स्टैंड स्थित शराब दुकान तक पहुंचा। यहां महिलाओं ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। महिलाओं का उग्र रवैया देख प्रशासनिक अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए।

यह भी पढ़ें: MP की बेटियों की इज्जत और बेटों की जान पर खेलकर हम राजस्व कमा रहे: शराब नीति पर बरसीं उमा भारती

पुलिस अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद महिलाओं को शांत कराया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने 16 अप्रैल तक शराब दुकान हटाने का अल्टीमेटम है। उन्होंने चेतावनी दी कि 16 अप्रैल तक दुकान बंद नहीं होने की स्थिति में वे फिर से आएंगी और इसबार जमकर तोड़फोड़ की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक देवरीकलां के बस स्टैंड परिसर के पास देशी और अंग्रेजी शराब की दुकान है। दुकान के आसपास शराबी अक्सर उत्पात मचाते रहते हैं। देवरी की महिलाएं लंबे समय से दोनों दुकानें हटाने की मांग कर रही हैं। महिलाओं ने कहा कि बस स्टैंड इलाके में बाजार लगता है। महिलाएं बाजार करने आती हैं। लेकिन शराब दुकान होने से यहां शराबी उत्पात मचाते हैं। आए दिन महिलाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाएं होती रहती हैं।

यह भी पढ़ें: भोपाल बनेगा भारत का पहला 5G सक्षम स्मार्ट शहर, शिवराज सरकार की घोषणा

महिलाओं ने बताया कि शराब दुकान के पास ही धार्मिक स्थल भी है। इससे पहले भी कई बार शराब दुकान हटाने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। कई बार ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन अब तक शराब दुकान नहीं हटाई गई। इसी के चलते शुक्रवार दोपहर शराब दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं जमा हुईं। 

इस पूरे मामले पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने भी राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। सिंह ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान शराब नीति में यह प्रावधान रखा गया था कि जिस मोहल्ले में 50 फीसदी महिलाओं को शराब की दुकान पर आपत्ति है, उसे तत्काल बंद किया जाएगा। सिंह ने बताया कि यह प्रावधान आज भी है। उन्होंने सीएम शिवराज से पूछा कि सरकार उसका पालन क्यों नहीं करती? 

बता दें कि हाल ही में उमा भारती ने भोपाल के बरखेड़ा पठानी क्षेत्र के आजाद नगर में शराब दुकान को निशाना बनाया था। यहां शराब दुकान पर पहुंच उन्होंने पत्थर से बोतलें तोड़ दी थीं। बाद में इसपर उन्होंने कहा कि, 'मैं तो ऐसी ही प्रतिक्रिया देती हूं। चाहे गौमाता पर अत्याचार हो या महिलाओं पर अत्याचार। वह तो अच्छा हुआ कि शराब की बोतलें थीं, लेकिन महिलाओं का अपमान यदि कोई पुरुष भी करेगा, तो मैं उसका भी सिर फोड़ दूंगी।’