MBBS, BDS परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल करते पकड़ाए छात्र, स्मार्ट वॉच से कर रहे थे नकल

नकल कर रहे छात्रों ने जब मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच देने से इंकार कर दिया तो कॉलेज प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी।

Updated: Jun 11, 2022, 01:05 PM IST

MBBS, BDS परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल करते पकड़ाए छात्र, स्मार्ट वॉच से कर रहे थे नकल

जबलपुर। मध्य प्रदेश में मेडिकल यूनिवर्सिटी स्कैम की पहचान बन चुके आयुर्वेदिक चिकित्सा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में छात्रों द्वारा मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच जैसे हाईटेक तरीके से नकल का मामला सामने आया है। संस्कारधानी जबलपुर के नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस, बीडीएस के चार छात्र हाईटेक तरीके से नकल करते पकड़ाए है। चारों छात्रों नकल करने के लिए मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच के उपयोग से परीक्षा पेपर हल कर रहे थे। इसमें खास बात ये रही कि नकल कर रहे छात्रों ने जब मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच देने से इंकार कर दिया तो कॉलेज प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी।

मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान चिकित्सा विश्वविद्यालय द्वारा एमबीबीएस और बीडीएस के प्रथम वर्ष की परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा के लिए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया। जहां पहले चरण में आयोजित परीक्षा में एमबीबीएस के दो छात्र और दूसरे चरण में आयोजित परीक्षा में बीडीएस के दो छात्र मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच की मदद से प्रश्न पत्र को हल कर रहे थे तभी परीक्षकों ने छात्रों को नकल करते पकड़ लिया।

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जब परीक्षकों ने नकल कर रहे छात्रों से मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच देने के लिए कहा तो नकलची छात्रों ने देने से मना कर दिया।मज़बूरी में कॉलेज प्रशासन को दोनों बार पुलिस बुलानी पड़ी तब पुलिस ने छात्रों से मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच जब्त की। परीक्षा केंद्र प्रभारी डॉ विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि एमबीबीएस व बीडीएस की परीक्षा में चार परीक्षार्थियों को हाईटेक तरीके से नकल करते पकड़ा गया है। छात्रों के खिलाफ नकल प्रकरण तैयार किया गया है। नकल प्रकरण बनाने तथा छात्रों के मोबाइल व स्मार्च वॉच जब्त करने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी।

इससे पहले भी मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान चिकित्सा विश्वविद्यालय में अनुपस्थित विद्यार्थियों को उत्तीर्ण करने और प्रैक्टिकल के नंबर बढ़ाने जैसे फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आए थे। मेडिकल यूनिवर्सिटी में हुए इस रिजल्ट घोटाले की तुलना व्यापम घोटाले से तक की जा रही थी।