गरीबों का निवाला छीनकर आजादी का जश्न, राशन में कटौती कर जबरन कार्ड धारकों को थमाया तिरंगा

हरियाणा के करनाल में गरीबों पर बोझ बना अमृत उत्सव, राशनकार्ड धारकों पर तिरंगा खरीदने का दबाव, 20 रुपए देने में असमर्थ हैं गरीब-मजदूर, तिरंगे नहीं खरीदने पर राशन में पांच किलो की कटौती

Updated: Aug 11, 2022, 09:33 AM IST

गरीबों का निवाला छीनकर आजादी का जश्न, राशन में कटौती कर जबरन कार्ड धारकों को थमाया तिरंगा

करनाल। देशभर में 'आजादी का अमृत महोत्सव' की तैयारियां जोरों पर हैं। लेकिन, हरियाणा में आजादी की 75वीं वर्षगांठ गरीबों पर बोझ बन रही है। करनाल से ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां राशन कार्ड धारकों को 20 रुपए में तिरंगा खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है। अगर वे 20 रुपए का तिरंगा नहीं खरीदेंगे तो उनके राशन से 5 किलो की कटौती की जाएगी। पीडीएस संचालक का कहना है कि ये सरकार के निर्देश हैं। इसका मतलब भले ही गरीबों को अपना पेट काटना पड़े, लेकिन तिरंगा उन्हें खरीदना ही पड़ेगा।

सोशल मीडिया पर इसे पूरे घटनाक्रम का वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह गरीबों को मजबूर किया जा रहा है। बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने इसकी तीखी आलोचना की है। उन्होंने लिखा कि, 'आजादी की 75वीं वर्षगाँठ का उत्सव गरीबों पर ही बोझ बन जाए तो दुर्भाग्यपूर्ण होगा। राशनकार्ड धारकों को या तिरंगा खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है या उसके बदले उनके हिस्से का राशन काटा जा रहा है। हर भारतीय के हृदय में बसने वाले तिरंगे की कीमत गरीब का निवाला छीन कर वसूलना शर्मनाक है।'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि, 'राशन ख़रीदने के लिए पैसे नहीं लेकिन 20 रुपए में तिरंगा ख़रीदो!! भाजपा नेताओं ने इसमें भी कमाई कर ली। कुछ भी कहो मोदीशाह जी ने नौकरियाँ नहीं दीं लेकिन पकौड़े से ले कर झंडे बेचना सिखा दिया!! अब राशन की दुकानों पर से झंडे ख़रीदने के लिए ग़रीबों को मजबूर किया जा रहा है।'

बता दें कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत मोदी सरकार ने 20 करोड़ घरों पर तिरंगा लगाने का लक्ष्य रखा है। केंद्र के इस अभियान को सफल बनाने के लिए बीजेपी शासित राज्य कुछ भी कर रहे हैं। हरियाणा में डिपो धारकों ने नियम बनाया है कि जो व्यक्ति तिरंगा नहीं खरीदेगा उसे राशन नहीं मिलेगी। मामले में को लेकर जब डिपो संचालकों से स्थानीय पत्रकारों ने बातचीत की तो उनका कहना था कि विभाग के अधिकारियों द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी राशन कार्ड धारक को बिना तिरंगा लिए राशन नहीं दिया जाए। विभाग के द्वारा पहले ही एडवांस में उनसे 20 रुपए तिरंगे झंडे के हिसाब से ले लिए गए हैं। 

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राशन कार्ड धारकों ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि वह मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। घर का राशन खत्म हो गया था। सोमवार से राशन मिलना शुरू हुआ तो वे किसी से पैसे उधार लेकर राशन लेने आए हैं। लेकिन डिपो होल्डर कहता है कि पहले 20 रुपए तिरंगे झंडे के पैसे देने होंगे, तभी राशन मिलेगा। चूंकि, उनके पास अलग से 20 रुपए नहीं थे, तो डिपो होल्डर ने पांच किलो राशन काट लिया।