पेगासस जासूसी कांड पर बरसे राहुल गांधी, बोले- मोदी-शाह ही दे सकते हैं आदेश, गडकरी नहीं

राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत, बोले- क्या प्रधानमंत्री को मिल रहा था डेटा, यदि हां तो यह एक क्रिमिनल एक्ट है, लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है

Updated: Oct 27, 2021, 06:53 PM IST

पेगासस जासूसी कांड पर बरसे राहुल गांधी, बोले- मोदी-शाह ही दे सकते हैं आदेश, गडकरी नहीं
Photo Courtesy : Aajtak

नई दिल्ली। पेगासस जासूसी कांड की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा कमेटी गठित करने के फैसले का कांग्रेस ने स्वागत किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस स्पाई वेयर को लेकर अपनी बातें रखी। राहुल गांधी इस दौरान पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारी बात पर मुहर लगाई है। हमने पिछले संसद सत्र में यह मुद्दा उठाया था। विपक्ष की साझा प्रयासों से संसद ठप हुआ। यह लोकतंत्र की जड़ों पर हमला है। सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है और हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि सच्चाई सामने आएगी। हम चाहेंगे कि संसद के इस सत्र में भी पेगासस का मुद्दा उठे। देश पेगासस के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को सुनना चाहता है। 

एक या दो लोग जासूसी कांड के मास्टरमाइंड: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता ने कहा है कि जासूसी कांड के मास्टरमाइंड एक या दो लोग हैं। उन्होंने पूछा है कि पेगासस खरीदने का आर्डर किसने दिया। यह सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृहमंत्री अमित शाह के आदेश से ही खरीदा जा सकता है। तीसरा कोई भी व्यक्ति ये आदेश नहीं दे सकता। नितिन गडकरी या अन्य किसी मंत्री के आदेश से जासूसी नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि पेगासस का इस्तेमाल आतंकियों के खिलाफ हो रहा है तो और बात है, लेकिन पीएम यदि इसे राजनीतिक टूल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह एक अपराध है। 

यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होगी पेगासस जासूसी कांड की जांच, चीफ़ जस्टिस ने माना निजता के उल्लंघन का मामला

राहुल गांधी ने कहा कि पेगासस का इस्तेमाल चुनाव आयोग, जजों, विपक्षी नेताओं और पत्रकारों की जासूसी करने के लिए किया गया। यदि चुनाव आयोग के अधिकारियों का फोन टैपिंग कर पीएम मोदी को डेटा भेजा जा रहा है तो यह गंभीर अपराध है। यह भारत की अवधारणा के खिलाफ है। यह किसी एक व्यक्ति पर हमला नहीं है बल्कि भारत के अस्तित्व पर हमला हुआ है। राहुल गांधी ने पूछा कि प्रधानमंत्री इसपर जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि जरूर पेगासस के माध्यम से कोई गलत काम हुआ है जिसे सरकार छिपाने में लगी हुई है।