मानहानि के केस में दिग्विजय सिंह हुए बरी, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न तोमर नहीं हुए कोर्ट में पेश

दिग्विजय सिंह ने सिंधिया समेत बीजेपी में शामिल होने वाले मंत्री-विधायक पर 35-35 करोड़ रुपए में बिकने का आरोप लगाया था, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सिंह के खिलाफ 10 करोड़ की मानहानि का दावा किया था

Updated: Apr 08, 2022, 01:53 PM IST

मानहानि के केस में दिग्विजय सिंह हुए बरी, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न तोमर नहीं हुए कोर्ट में पेश

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह मानहानि के एक केस में बरी हो गए हैं। ग्वालियर जिला अदालत ने दिग्विजय के खिलाफ दायर केस को खारिज कर दिया है। खास बात यह है कि मानहानि का मुकदमा करने वाले प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर के वकील कोर्ट में पैरवी करने तक नहीं पहुंचे।

दरअसल, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था। लेकिन सुनवाई के दौरान तोमर की ओर से केस में पैरवी करने वकील ही नहीं पहुंचे। इसपर जिला अदालत ने कहा है कि परिवादी बिना कारण अनुपस्थित रहते हैं, जिससे पता चलता है कि उन्हें यह केस आगे बढ़ाने में रुचि नहीं है। अतः परिवादी की अनुपस्थित में केस निरस्त किया जाता है।

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दिग्विजय सिंह के खिलाफ तोमर ने साल 2020 में 10 करोड़ की मानहानि का केस दायर कराया था। सिंह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दावा किया था कि कांग्रेस से पाला बदलकर बीजेपी में शामिल होने वाले मंत्री-विधायकों को 35-35 करोड़ मिले थे। सिंह ने एक ग्राफिक्स भी जारी किया था जिसमें 35 करोड़ के हिसाब से संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में एक वोट के सौदे की कीमत बताया गया था।