दमोह में मची ऑक्सीजन की लूट, अस्पताल में ट्रक पहुंचते ही सिलिंडरों पर टूट पड़े परिजन

मध्यप्रदेश के दमोह जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर से भरे ट्रक की एंट्री के साथ ही टूट पड़े परिजन, एक-एक ने दो सिलिंडर लूटे, कलेक्टर ने कहा होगी कार्रवाई

Updated: Apr 21, 2021, 04:04 PM IST

दमोह में मची ऑक्सीजन की लूट, अस्पताल में ट्रक पहुंचते ही सिलिंडरों पर टूट पड़े परिजन
Photo Courtesy: ANI

दमोह। जब बात अपनों की जान पर बन आती है तो शरीफ इंसान भी अपराधी बनने को विवश हो जाता है। इस बात का अंदाजा आप इस खबर से लगा सकते हैं कि मध्यप्रदेश के दमोह में कोविड-19 संक्रमितों ने ऑक्सीजन सिलिंडर लूट लिया। प्रशासन के लाख कहने के बावजूद वे अस्पताल को सिलिंडर वापस करने से इनकार कर गए। मामले पर दमोह कलेक्टर ने कहा है कि सभी उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

लूट की यह घटना कल रात 11.30 बजे की है। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन आने की जानकारी कोरोना पीड़ितों के परिजनों को मिल गई थी। ऑक्सीजन आने के पहले से ही अस्पताल के बाहर दर्जनों की संख्या में लोग जमा हो गए थे। रात में जैसे ही ऑक्सीजन से लदी ट्रक की एंट्री अस्पताल में हुई तब लोग सिलिंडर पर टूट पड़े।

अस्पताल प्रबंधन और मेडीकल स्टाफ इस दौरान लोगों को रोकते रहे लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। सभी अपने बीमार परिजनों के लिए दो-दो सिलिंडर लेकर भागते दिखे। इस दौरान स्टाफ ने जब सिलिंडर वापस करने की मांग की तो लोगों ने गाली-गलौज करने में भी कोताही नहीं बरती। मामला बिगड़ता देख अस्पताल ने पुलिस को बुला लिया। 

यह भी पढ़ें: कोरोना से बचाव के लिए पर्याप्त नहीं है एक मास्क, स्टडी में दो मास्क पहनने को बताया गया ज़रूरी

रात को ही घटना की जानकारी पाकर दमोह एएसपी शिव कुमार सिंह दल बल के साथ अस्पताल पहुंचे और कार्रवाई की चेतावनी देते हुए परिवार वालों पर दबाव बनाया। लेकिन परिवार वाले किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। थक-हार कर एएसपी को भी वहां से लौटना पड़ा। मामले पर जिला कलेक्टर का दावा है कि अस्पताल में पूर्व में ऑक्सीजन की कोई दिक्कत नहीं रही बावजूद इसके परिजन सिलिंडर से भरे ट्रक पर टूट पड़े।

दमोह कलेक्टर ने बताया है कि इस घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। उधर कोरोना संक्रमितों के परिजनों का कहना है कि प्रशासन पर भरोसा नहीं है की कब ऑक्सीजन खत्म हो जाए। परिजनों को लगातार इसी बात का डर सता रहा है कि ऐसा न हो कि अन्य अस्पतालों की तरह यहां भी ऑक्सीजन कम पड़ जाए और वे अपने परिजनों को हमेशा के लिए खो दें। 

यह भी पढ़ें: नागरिकों को मरता छोड़ विदेशों को ऑक्सीजन देती रही सरकार, केंद्र पर भड़कीं प्रियंका

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है जहां देश में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की किल्लत की खबरें आ रही हैं। राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी की वजह से मरीजों की मौत की खबरें भी लगातार सामने आ रही है। मीडिया में रिपोर्ट हुए आंकड़ों को ही देखा जाए तो पिछले 13 दिनों में प्रदेश के 56 मरीजों की मौत ऑक्सीजन न मिलने की वजह से हुई है। लोगों को ऑक्सीजन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इसी वजह से दमोह में लोग कानून तक को अपने हाथ में लेने के लिए विवश हो गए।