इलाहाबाद हाई कोर्ट की पीएम से अपील, रैलियों पर लगाएं रोक, चुनाव टालने पर करें विचार

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक सुनवाई के दौरान ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए यह बात कही, अदालत ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान आए खतरे से सबक लेते हुए चुनाव आयुक्त और प्रधानमंत्री मोदी से रैलियों पर रोक लगाने और आगामी विधानसभा चुनावों को टालने का अनुरोध किया है

Updated: Dec 24, 2021, 11:41 AM IST

इलाहाबाद हाई कोर्ट की पीएम से अपील, रैलियों पर लगाएं रोक, चुनाव टालने पर करें विचार

नई दिल्ली। भारत में बढ़ते ओमिक्रोन के खतरे के बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री मोदी से रैलियों में भीड़ इकट्ठा नहीं करने की अपील की है। हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री मोदी से रैलियों पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही अदालत ने विधानसभा चुनावों को टालने के लिए भी कहा है। हाई कोर्ट ने यह अनुरोध निर्वाचन आयोग और प्रधानमंत्री मोदी से किया है। 

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह बातें गुरुवार को एक जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। जस्टिस शेखर कुमार यादव ने भारत सहित विश्व भर में बढ़ते ओमिक्रोन के खतरे का ज़िक्र करते हुए कहा कि कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। नए वेरिएंट के कारण तीसरी लहर के आने की संभावना है। ऐसे वक्त में उत्तर प्रदेश की रैलियों में भीड़ जुट रही है जो कि खतरे से खाली नहीं है। 

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जस्टिस शेखर यादव ने कहा कि दूसरी लहर में लाखों लोग संक्रमण के चलते अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठे। इलाज के लिए भटकते दिखे। उस त्रासदी की यादें अब भी ज़हन में ताज़ा हैं। ग्राम पंचायत चुनाव और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों ने कई लोगों को संक्रमित कर दिया। ऐसे में कोर्ट निर्वाचन आयुक्त और प्रधानमंत्री से यह अपील करता है कि वे रैलियों में जुटने वाली भीड़ पर रोक लगाएं। क्योंकि अगर इसे रोका नहीं गया तो स्थिति दूसरी लहर से भी अधिक भयावह होगी।  

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कोर्ट ने कहा कि चुनावी प्रचार टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से करें। इतना ही नहीं कोर्ट ने तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए विधानसभा चुनावों को टालने का भी अनुरोध किया। कोर्ट ने कहा कि अगर संभव हो तो फरवरी मार्च में होने वाले विधानसभा चुनावों को एक दो महीने के लिए टालने पर भी विचार किया जाना चाहिए। क्योंकि लोगों की जिंदगी चुनावों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।