किसानों के बीच पहुंचकर बोले वरुण गांधी, पीड़ा को समझने के लिए उनकी बात सुनना ज्यादा जरूरी है

लखीमपुर और पीलीभीत की सीमा पर किसानों से बात करने पहुँचे वरुण गांधी ने फसलों की बढ़ती लागत, उचित कीमत और एमएसपी जैसे मसलों पर बात की, देश में बढ़ती महंगाई को लेकर भी उन्होंने चिंता जतायी

Updated: Nov 01, 2021, 02:43 PM IST

किसानों के बीच पहुंचकर बोले वरुण गांधी, पीड़ा को समझने के लिए उनकी बात सुनना ज्यादा जरूरी है
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लखनऊ। बीजेपी सांसद वरुण गांधी अब खुलकर किसानों के समर्थन में मैदान में उतर गए हैं। वरुण गांधी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र पीलीभीत के किसानों से उनकी समस्याओं पर चर्चा की। किसानों से बात करने के बाद वरुण गांधी ने परोक्ष रूप से बीजेपी पर निशाना भी साधा। वरुण गांधी ने कहा कि जनता की पीड़ा को समझने के लिए बोलने से ज्यादा उनकी बात सुनना ज्यादा ज़रूरी है। 

वरुण गांधी ने अपने ट्विटर हैंडल पर किसानों के साथ चर्चा करते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की है। तस्वीर के साथ वरुण गांधी ने कहा है कि लखीमपुर और पीलीभीत की सीमा पर किसानों के बीच फसलों की बढ़ती लागत, उचित कीमत या एमएसपी ना मिलना, देश में कमर-तोड़ महंगाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।जनता की पीड़ा को समझने के लिए बोलने से ज़्यादा उनकी बात सुनना ज़रूरी है।

वरुण गांधी के इस कदम को बीजेपी के ऊपर किए गए उनके नए हमले के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी वरुण गांधी ने अपना एक वीडियो साझा किया था जिसमें वे किसानों से चर्चा करते हुए नज़र आए थे। वहीं वरुण गांधी ने हाल ही में लखीमपुर के एक किसान का वीडियो भी साझा किया था, जिसमें किसान अपने धान को आग लगाते नज़र आ रहा था। वरुण गांधी ने कहा था कृषि नीति पर पुनर्चिंतन की सख्त जरूरत है।

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इसके पहले वरुण गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें पूर्व पीएम यह कहते हुए नज़र आ रहे थे कि अगर सरकार किसानों का दमन करने का प्रयास करेगी, तो वे किसानों के समर्थन में उतरने से संकोच नहीं करेंगे। वरुण गांधी के इस ट्वीट को अपनी सरकार को दिए गए संदेश के तौर पर देखा गया था। 

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अगस्त महीने के अंत में हरियाणा के करनाल में किसानों के ऊपर हुए लाठीचार्ज के बाद से ही वरुण गांधी लगातार किसानों के समर्थन में नज़र आ रहे हैं। किसानों का लेटर समर्थन की वजह से उन्हें बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से भी बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है। बीजेपी के इस कदम के बाद से वरुण गांधी और मुखर हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वरुण गांधी खुद बीजेपी से अपने रास्ते अलग कर चुके हैं। लेकिन वे बीजेपी द्वारा पार्टी से निष्कासित किए जाने का इंतजार कर रहे हैं।ताकि पार्टी द्वारा निष्कासित किए जाने के कारण वे पीलीभीत से सांसद बने रहें।