ओमिक्रोन संकट के बीच भारत सरकार ने दो नई वैक्सीन को दी मंजूरी, Molnupiravir दवा का भी होगा उपयोग

भारत सरकार ने दो नई वैक्सीन कोर्बिवैक्स (Corbevax) और कोवोवैक्स (Covovax) को मंजूरी दे दी है, कोर्बिवैक्स को हैदराबाद स्थित फर्म बायोलॉजिकल-ई ने बनाया है

Publish: Dec 28, 2021, 01:42 PM IST

ओमिक्रोन संकट के बीच भारत सरकार ने दो नई वैक्सीन को दी मंजूरी, Molnupiravir दवा का भी होगा उपयोग

नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ रहे ओमिक्रोन संक्रमण और कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच भारत सरकार ने दो नई वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही भारत सरकार ने एक नई दवा के इस्तेमाल की भी अनुमति दे दी है। इसकी जानकारी खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने दी है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया है कि सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन (CDSCO) कोर्बिवैक्स और कोवोवैक्स नामक वैक्सीन को मंजूरी दी है। कोर्बिवैक्स का निर्माण हैदराबाद स्थित भारतीय फर्म बायोलॉजिकल ई ने किया है। यह भारत में निर्मित की गई तीसरी स्वदेशी वैक्सीन होगी।जबकि कोवोवैक्स को अमेरिकी कम्पनी नोवावैक्स ने तैयार किया है। हालांकि इसको पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट मैन्युफैक्चर करेगी। 

इसके अलावा सरकार ने एंटी वायरल दावा Molnupiravir को भी मंजूरी दी है। इसको तेरह कम्पनियों द्वारा बनाया जाएगा। इसका उपयोग वयस्क मरीजों पर किया जाएगा। इसके साथ ही इस दवा को केवल उन्हीं मरीजों पर इस्तेमाल किया जाएगा, जो कि ज्यादा खतरे से जूझ रहे होंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने इन जानकारियों को साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन सभी मंजूरी से कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई को और भी मजबूती मिलेगी। 

यह भी पढ़ें : MP में एक दिन में कोरोना के 42 मामले दर्ज, भोपाल में कोरोना संक्रमित की हुई मौत

भारत में ओमिक्रोन का संकट लगातार बढ़ते जा रहा है। अब तक देश भर में ओमिक्रोन के 600 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं और देश भर के कुल 21 राज्यों में इसकी पुष्टि हो चुकी है। भारत में अब तक नए वेरिएंट के कुल 653 मामले दर्ज किए गए हैं। जिसमें 183 मरीज ओमिक्रोन को मात दे चुके हैं। 

यह भी पढ़ें : धर्म संसद हेट स्पीच मामले पर पाकिस्तान ने जताई चिंता, भारतीय राजनयिक को किया तलब

ओमिक्रोन के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र और दिल्ली में दर्ज किए गए हैं। महाराष्ट्र में ओमिक्रोन के कुल 167 मामले दर्ज किए गए हैं। जबकि दिल्ली में अब तक कुल 165 मामलों की पुष्टि हुई है। दोनों ही जगह ओमिक्रोन के एक्टिव मरीजों की संख्या सौ से अधिक है।