महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक सिपाही से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार, राजस्थान के सीकर का वाक़या

राजस्थान के सीकर में परिवार के साथ घूमने आए विधायक कीर्ति कुमार की बस नो एंट्री जोन में थी, आरोप है कि पुलिस कांस्टेबल ने चालान काटा तो विधायक जी मारपीट पर उतारू हो गए

Updated: Feb 21, 2021, 09:52 AM IST

महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक सिपाही से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार, राजस्थान के सीकर का वाक़या
Photo Courtesy: News Nation

सीकर। महाराष्ट्र के चिम्मूर से बीजेपी विधायक कीर्ति कुमार को राजस्थान के सीकर में पुलिस पर धौंस जमाना और हाथापाई करना भारी पड़ गया। पुलिस से मारपीट और बदसलूकी के आरोप में उनकी गिरफ्तारी तक हो गई। विधायक के साथ ही उनके पिता, भाई और दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। पांचों पर नो एंट्री जोन में घुसकर पुलिस कांस्टेबल के साथ मारपीट और महिला कांस्टेबल के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 151 के तहत कार्रवाई की है।

दरअसल, महाराष्ट्र के चिम्मूर विधायक कीर्ति कुमार परिवार और रिश्तेदारों के साथ एसी बस में सालासर हनुमान मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। सीकर के पास दोपहर करीब 12 बजे बस चालक रास्ता भटक गया और शहर में घुस गया। शहर में एसके अस्पताल के नजदीक ट्रैफिक महिला पुलिसकर्मी कमला और हेडकांस्टेबल गिरधारी सिंह ने बस को रुकवाया और और नो एंट्री में बस घुसाने पर चालान कर दिया।

 

बस में बैठे विधायक और उनके साथियों को जैसे ही पता चला कि बस का चालान काटा गया है, वे नीचे उतर आए और खुद को विधायक बताकर पुलिसकर्मियों की शिकायत परिवहन मंत्री प्रतापसिंह से करने की बात कहने लगे। पुलिस कांस्टेबल नेता जी के दबाव में नहीं आए तो उनका पारा और गरम हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में तकरार इतनी बढ़ी कि हाथापाई की नौबत आ गई। 

इस दौरान हेडकांस्टेबल गिरधारी सिंह की वर्दी फट गई और उनके गले और हाथों पर खरोंच भी आ गई। दूसरे पक्ष के कुछ लोगों के भी गले और हाथों में खरोंचें आई हैं। पुलिस ने इस मामले में नागपुर जिले की धनतोली तहसील के निवासी विधायक कीर्ति कुमार के साथ उनके पिता मितेश कुमार और भाई श्रीकांत को भी शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बस को भी सीकर पुलिस कंट्रोल रूम के बाहर खड़ा करवा दिया। सिपाही को धौंस दिखाने वाले विधायक जी उनके परिवार वालों व साथिययों को करीब 5 घंटे बाद जमानत मिल पाई।