छोटे-छोटे उपायों से प्रसन्न होंगे गजानन, विघ्नहर्ता बनाएंगे भक्तों के बिगड़े काम

भगवान श्रीगणेश को दूर्वा, सिंदूर, मोदक और गुडहल का फूल है प्रिय, शमी पत्र चढ़ाने से शनि गृह से जुड़ी दिक्कतें होंगी हल, अथर्वशीष का पाठ दूर करेगा मानसिक परेशानी

Updated: Sep 11, 2021, 04:37 PM IST

छोटे-छोटे उपायों से प्रसन्न होंगे गजानन, विघ्नहर्ता बनाएंगे भक्तों के बिगड़े काम
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प्रथम पूज्य श्रीगणेश की आराधना का 10 दिवसीय पर्व जारी है। भक्तों के कष्ट दूर करने के लिए भगवान धरती पर आते हैं। भक्त भी उनकी कृपा पाने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं। भगवान गणेश भोले भंडारी और माता पार्वती के पुत्र हैं, वे अपने भक्तों की सहज भाव से की गई पूजा से भी प्रसन्न हो जाते हैं और मनवांछित फल देते हैं। लंबोदर को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पण करने से सभी बिगड़े काम आसानी से पूरे हो जाते हैं। गणपति पूजन में यूं तो कई तरह की चीजें उपयोग में लाई जाती हैं। जिनमें दूर्वा, फल, फूल, मोदक और सिंदूर शामिल है। 

गजानन को शमी अर्पित करने से तेज होगी बुद्धि 

भगवान गणेश को हरी दूर्वा प्रिय है, साथ ही उन्हें भगवान शिव को चढ़ाया जाने वाला शमी पत्र भी अर्पित किया जा सकता है। माना जाता है कि गणपति को शमी पत्र चढ़ाने से सभी काम निर्विघ्न रूप में पूरे हो जाते हैं। मान्यता है कि शमी में भोले भंडारी भगवान शिवजी का निवास होता है। गणपति पूजा में शमी अर्पित करने से बुद्धि और बल तेज होता है। जीवन में सुख-शांति का वास होता है।

 लंबोदर को भूल कर भी ना चढ़ांए तुलसी दल

विघ्नहर्ता गणेशजी को अक्षत, सिंदूर पीले और लाल फूल चढ़ाने का विधान है। भगवान विष्णु को प्रिय तुलसी भगवान गणेश को भूल कर भी नहीं चढ़ाएं। तुलसीजी के श्राप की वजह से भगवान गणेश की दो पत्नियां हैं, ऋद्धि और सिद्धि, वहीं गणेशजी के श्राप की वजह से तुलसी का विवाह राक्षस जलंधर से हुआ था। भगवान गणेश जी को तुलसी भूलकर भी नहीं चढ़ाई जाती।

 गजानन को प्रिय है मोदक का भोग

विघ्नहर्ता श्रीगणेश को मोदक और लड्डू पसंद है। मोदक का भोग लगाने से मनोकामना पूरी होगी है। शास्त्रों में मोदक को ब्रह्म तुल्य कहा गया है। मान्यता है कि मोदक अमृत मिश्रित है। वहीं घी गुड का भोग लगाने से आर्थिक तंगी दूर होती है।

दूर्वा से मिलेगी लक्ष्मी की कृपा, कुबेर के सामान होंगे धनवान

धरती पर उगी छोटी सी दूर्वा से भी एकदंत गणेशजी प्रसन्न होते हैं। दूर्वा में अमृत का वास माना जाता है। जो गणेश भक्त पूजन में दूर्वांकुर का प्रयोग करता है, उस पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है। वह कुबेर के समान हो धनवान हो जाता है। कुबेर को देवताओं का कोषाध्यक्ष कहा जाता है। धन संबंधी समस्या से बचने के लिए गणपति की पूजा दूर्वा से करना चाहिए। 11 या 21 दूर्वा रोज चढ़ाना विशेष फलदायी है।

जेब में रखें हरा रूमाल, पूरे होंगे अधूरे काम

अगर आपका कोई काम लंबे समय से अटका हो तो बुधवार के दिन हरा रुमाल अपनी जेब में रखें और सौंफ खाकर ही निकले। ऐसा करने से आपका रुका हुआ काम जल्द से जल्द पूरा होने के योग बनेंगे। ये कार्य गणेश उत्सव से शुरू करें और इसे नियमित तौर पर साल भर करें। बुद्धि के दाता श्रीगणेश के पूजन से विद्या की प्राप्ति होती है। 

श्रीगणेश अथर्वशीष का पाठ दूर करेगा मानसिक परेशानी

अगर आप किसी मानसिक परेशानी में हैं तो श्रीगणेश अथर्वशीष का पाठ फलदायी होगा। गणेश यंत्र की स्थापना और उसके दर्शन से जीवन में शुभता आएगी। व्यापार में तरक्की और नौकरी तरक्की के लिए गजानन को हल्दी की 5 गांठे अर्पित करें।