MP पंचायत चुनाव: पंचायत सचिव की तीनों पत्नियां चुनावी मैदान में, दो पत्नियां सरपंच पद प्रतिद्वंदी

पंचायत सचिव सुखराम द्वारा पूर्व में अपनी दो पत्नियां उर्मिला, कुसुमकली होने का उल्लेख प्रतिवेदन में किया था लेकिन ये मामला एक रोजगार सहायक की शिकायत पर उजागर हुआ। जिसमें गीता सिंह के तीसरी पत्नी होने के साक्ष्य प्रस्तुत किये गए। देवसर जनपद सीईओ वीके सिंह ने पंचायत सचिव सुखराम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

Updated: Jun 18, 2022, 05:16 PM IST

MP पंचायत चुनाव: पंचायत सचिव की तीनों पत्नियां चुनावी मैदान में,  दो पत्नियां सरपंच पद प्रतिद्वंदी
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सिंगरौली। मध्य प्रदेश के एक पंचायत सचिव की तीन पत्नियां चुनावी मैदान में हैं। दो पत्नियों तो सरपंच पद के चुनाव में प्रतिद्वंदी है और एक पत्नी जनपद सदस्य का चुनाव लड़ रही है। इस घटना की जानकारी मिलने पर जनपद सीईओ ने संबंधित पंचायत को सचिव कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मध्य प्रदेश के जिले सिंगरौली की देवसर तहसील में ग्राम पंचायत कठदहा के पंचायत सचिव सुखराम सिंह है। सुखराम सिंह की तीन पत्नियां उर्मिला, कुसुमकली और गीता है। ये तीनों पत्नियां चुनाव मैदान में हैं। तीनों पत्नियों ने अपना नामांकन दाखिल किया है।

सुखराम की पहली पत्नी उर्मिला देवसर जनपद के वार्ड क्रमांक 13, पेडरा से जनपद सदस्य का चुनाव लड़ रही है, उनका चुनाव चिन्ह तराजू है। दूसरी पत्नी कुसुमकली हैं जिन्होंने पीपरखाड़ ग्राम पंचायत से सरपंच पद प्रत्याशी है और उनका मुकाबला अपनी सौतन तीसरी पत्नी गीता सिंह पीपरखाड़ ग्राम पंचायत की पूर्व सरपंच से है। पंचायत सचिव सुखराम द्वारा पूर्व में अपनी दो पत्नियां उर्मिला, कुसुमकली होने का उल्लेख प्रतिवेदन में किया था लेकिन ये मामला एक रोजगार सहायक की शिकायत पर उजागर हुआ। जिसमें गीता सिंह के तीसरी पत्नी होने के साक्ष्य प्रस्तुत किये गए।

इस मामले को लेकर देवसर जनपद सीईओ वीके सिंह ने पंचायत सचिव सुखराम को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। नोटिस में पंचायत सचिव को नोटरी द्वारा सत्यापित हलफियत बयान में कितनी पत्नियां है, क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय कौन कौन है, उनसे किस वर्ष में विवाह हुआ मय आधार कार्ड के प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का उल्लेख किया है।

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गौरतलब है कि हिंदू विवाह अधिनियम 1995 के प्रावधान के अनुसार एक जीवित पत्नी के होते, दूसरा विवाह किया जाना प्रतिबंधित है, तथा ऐसा किए जाने पर भा.द.वि. 1860, की धारा 494 अंतर्गत 7 वर्ष की सश्रम कारावास का प्रावधान है। शासकीय सेवक द्वारा एक जीवित पत्नी के रहते हुए, दूसरा विवाह किए जाने पर, शासकीय सेवा से बर्खास्त करने का भी प्रावधान है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस कारण बताओ नोटिस में सुखराम तीन शादियों का क्या कारण बताते हैं और अपनी दोनों सरपंच प्रत्याशी पत्नियों में से वोट किसे देते हैं।