ब्राजील की सत्ता में लूला डा सिल्वा की वापसी, दक्षिणपंथी नेता बोलसोनारो को हराया

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में जेयर बोल्सोनारो बेहद कम मार्जिन से हार गए हैं। वह 1990 के दशक के बाद दूसरा कार्यकाल हासिल न करने वाले पहले राष्ट्रपति बन गए हैं।

Updated: Oct 31, 2022, 08:52 AM IST

ब्राजील की सत्ता में लूला डा सिल्वा की वापसी, दक्षिणपंथी नेता बोलसोनारो को हराया

ब्रासीलिया। दुनिया के चौथे सबसे बड़े लोकतंत्र ब्राजील के सियासत में बड़ी उलटफेर हुई है। इनासियो लूला डा सिल्वा ब्राजील के नए राष्ट्रपति चुने गए हैं।उन्होंने दक्षिणपंथी विचारधारा वाले मौजूदा राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो को करीबी टक्कर में हरा दिया।

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में 99 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई थी, जिसमें सिल्वा को 50.9 प्रतिशत और बोल्सोनारो 49.1 प्रतिशत वोट मिले थे। इसके बाद ही चुनाव प्राधिकरण ने डि सिल्वा की जीत का ऐलान किया। दोनों प्रतिद्वंदियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। इलेक्शन एकतरफा नहीं रहा। 

1990 के बाद देश के ऐसे पहले मौजूदा राष्ट्रपति हैं, जो पहले कार्यकाल के बाद दूसरे कार्यकाल में जीत हासिल नहीं कर सके। उनसे पहले के सभी राष्ट्रपति अपने पहले कार्यकाल में जीते थे। बता दें कि बोल्सोनारो ने बैलेट बॉक्स को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। बावजूद चुनाव में उन्हें मुंह की खानी पड़ी। ब्राजील में एक बार फिर से वामपंथी विचारधारा का उदय होता दिख रहा है।

यह भी पढ़ें: रूस ने हैक कर लिया था ब्रिटेन की पूर्व पीएम लिज ट्रस का फोन, ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट का दावा

बोल्सोनारो ने चार साल पहले बड़ी जीत हासिल की थी। लेकिन वह कई मामलों को लेकर लोगों के गुस्से के शिकार बने। जिनमें कोरोना वायरस का गलत प्रबंधन भी शामिल है। इस बीमारी की वजह से देश में 680,000 लोगों की मौत हो गई है। उनके कार्यकाल में ब्राजील की अर्थव्यवस्था कमजोर रही, लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमले हुए और अमेजन के जंगलों में बीते 15 साल में सबसे ज्यादा पेड़ों की कटाई हुई।

हालांकि जेयर बोल्सोनारो को लेकर ऐसा कहा जा रहा है कि शायद वह अपनी हार को स्वीकार नहीं करेंगे, बिलकुल वैसे ही जैसे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया था। बोल्सोनारो ट्रंप को अपना राजनीतिक रोल मॉडल मानते हैं।

चुनाव जीतने के बाद 77 साल के लूला ने अपने संबोधन में कहा कि,  'सबसे पहले, मैं उन सभी साथियों को धन्यवाद देना चाहता हूं जो यहां मेरे साथ हैं। हमारी लड़ाई सरकारी मशीनरी से थी, सिर्फ एक उम्मीदवार से नहीं, जिसने हमें यह चुनाव जीतने से रोकने की कोशिश की। वोट देने वाले सभी लोगों को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं।'