Opinion at Humsamvet In Hindi
बुलडोज़र से ध्वस्त होती न्याय व्यवस्था और गांधी की राह...
हिंसा असल में विचारों की पवित्रता को प्रदूषित कर देती है। हिंसा भेस बदल कर अहिंसा...
मानव समुदाय की विविधता से भरे सांस्कृतिक गुलदस्ते से एक...
सर्वधर्म समभाव को लेकर महात्मा गांधी ने लिखा है, 'प्रतिपक्षी को यदि हम झूठा मानते...
World Environment Day: नहीं संभलें तो और तपेगी धरती, पिघलेंगे...
आज 5 जून को हम ‘विश्व पर्यावरण दिवस' मना रहे हैं। विश्व पर्यावरण दिवस 2022 की थीम...
सांप्रदायिकता के भंवर में डूबे भंवरलाल, 59 सेकेंड और 14...
भंवरलाल जैन की हत्या दिगंबर जैन समाज के एक व्यक्ति की हत्या भर नहीं है। यह भारतीय...
Principal Forced To Touch Student Feet: बलिहारी शिष्य आपने...
अहमदाबाद में कॉलेज प्राचार्या को छात्रा के पांव छूने को मजबूर करना हमारे समाज में...
प्रेम का अर्थ ही भुला बैठा है आधुनिक समाज, हम ऐसे युग में...
हैदराबाद की घटना पर देशभर में कमोबेश चुप्पी है। हत्याएं अब इंसानी फितरत न हो के...
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का चिंतन शिविर: आक्रमण नहीं,...
सवाल आक्रमण और अभियान में अंतर को समझने का है। विपक्ष की रणनीति तो अभियान की ही...
किस्सा ए लाल किला: यानी राजतंत्र से लोकतंत्र तक सफर
अपनी गिरप्तारी के दौरान बहादुरशाह जफर ने एक गजल “बयाने-गम” लिखी। उसके कुछ शेर पर...
उदासीन अदालतें और न्याय का नया मॉडल पेश करती सांप्रदायिक...
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सुख के प्रतीक राम के जन्मदिन पर मध्यप्रदेश के खरगोन...
रामनवमी: राम की ईश्वरीय मनुष्यता और वर्तमान समाज
राम को समझने और उनके मानवीय यथार्थ को जानने के लिए ‘‘रामनवमी’’ की प्रतीक्षा जरुरी...




