Opinion at Humsamvet In Hindi
सर्वधर्म समभाव ही भारत की आत्मा है: महात्मा गांधी
भारत आज तमाम तरह के संकटों से गुजर रहा है। परंतु यह तो स्पष्ट है कि इस वक्त का सबसे...
शिक्षक दिवस पर शिक्षा जगत से शिक्षक की बेदखली
विनोबा एक बड़ी मजेदार बात कहते हैं, ’’आज तो शिक्षक की हैसियत ही क्या है? जैसे खेत...
मेरे प्रिय 140 करोड़ परिवारजन: कुछ तो समझिये
सबसे बड़ा सवाल यह है कि देश को समझना होगा कि चुनाव जीतने की क्षमता शासन को सुचारू...
राजघाट विध्वंस: गांधी विचार से उपजा भय
नई वैचारिक शासन व्यवस्था के अन्तर्गत वाराणसी स्थित राजघाट विध्वंस कोई पहला विध्वंस...
संसद को छोड़ें, सड़क पर उतरें
संसद में बहस नहीं हो रही और सड़कें तो पहले ही अंधी, गूंगी और बहरी हो चुकी हैं। सड़कों...
सीधी कांड पर सीधी बात
इस अमानवीय घटना को लेकर अब चर्चा कम होती जा रहीं है। राजनीतिक दलों के अपने-अपने...
भाजपा: सांप्रदायिकता का उड़नखटोला
पठान के एक गाने में मात्र पंद्रह सेकेंड के एक दृश्य में पहना गया वस्त्र सारे देश...
पिता चाहते हैं कि संतान उनके सारे कीर्तिमानों से आगे बढ़...
एक पिता तभी गौरवान्वित होता है जब उसकी संतान उससे चार कदम आगे चले। जब उसकी संतान...
कर्नाटक: पहला सार्थक कदम
कर्नाटक विधानसभा चुनावों के परिणाम इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण रहे क्योंकि इससे...
प्रेस स्वतंत्रता और स्व चयनित पराधीनता
प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर जो परस्पर विरोधी दावे सामने आ रहे हैं उनसे यह तो स्पष्ट...




